सात साल तक छकाता रहा पुलिस को, 15 लाख रुपये का हड़पा था लोन
चौक पुलिस ने सात साल से फरार जालसाज जुल्फिकार हैदर को सोमवार दोपहर को हयात हॉस्पिटल के पास से दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, नैनीताल बैंक के प्रबंधक ने जालसाज के खिलाफ 2013 में फर्जी दस्तावेज के सहारे 15 लाख रुपये लोन लेने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी को जेल भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक चौक पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, चौक के बाग मक्का निवासी जुल्फिकार हैदर ने तकरोही की एक जमीन के जाली रजिस्ट्री पेपर तैयार कर लोन कराया।
जुल्फिकार ने इसके लिए एसएच ट्रेडिंग कंपनी नाम से एक फर्म बनाई। इसमें अंजुम खान, आसिफ एजाज, तरुण मेहंदी दत्ता और शाहिद हसन को सदस्य बनाया।
इसके बाद 2008 में नैनीताल बैंक से 15 लाख रुपये का लोन कराया। इसमें आसिफ एजाज को गारंटर बनाया।
लोन लेने के लिए तकरोही स्थित जमीन का रजिस्ट्री पेपर गिरवी रखा। जबकि इस जमीन को माहभर पहले बेच दिया था।
लेकिन जालसाजों ने जमीन का दाखिल-खारिज होने से पहले ही फर्जी तरीके से लोन करा लिया। इसके बाद बाद एक-दो किस्त जमा कीं।
चौकी प्रभारी याहियागंज अच्युतानंद राय के मुताबिक, किस्त न मिलने बैंक ने जांच कराई तो फर्जीवाड़े सामने आया और बैंक प्रबंधक दया किशन मेलकानी ने चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
मुकदमे में अंजुम खान, आसिफ एजाज, तरुण मेहंदी दत्ता, शाहिद हसन और जुल्फिकार को आरोपी बनाया। इसके बाद पुलिस ने अंजुम, आसिफ और शाहिद को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी तरुण मेहंदी की मौत हो चुकी है। बाकी दो जमानत पर बाहर हैं। पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के खिलाफ हजरतगंज थाने में भी मुकदमा दर्ज था। इसमें अंतरिम रिपोर्ट लग गई थी।