अदालत ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में रेलवे के इंजीनियर से 10 लाख रुपये वसूलने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी 30 दिन के अंदर यदि रकम सरकारी खजाने में जमा नहीं करता है तो उसकी चल संपत्ति जब्त कर ली जाए।
इसके बाद भी अगर रकम पूरी नहीं होती तो उसकी अचल संपत्ति नीलाम करके भरपाई की जाएगी। साथ ही अदालत ने उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना भरने की भी सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) राजेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर रेलवे के तत्कालीन सीनियर सेक्शन इंजीनियर (प्लानिंग) त्रिलोकी नाथ कपूर को दोषी ठहराया।
कोर्ट में सीबीआई के वकील कोमल गिरि ने कहा कि वादी सीबीआई इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने मामला दर्ज किया था।
कुमार ने बताया था कि त्रिलोकी नाथ ने जनवरी 1998 से छह जून 2003 के बीच गैरकानूनी तरीके से अपने पद का दुरुपयोग किया और अपने व अपने परिवार के सदस्यों के नाम से अथाह संपत्ति अर्जित की।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी की कुल आय, व्यय और अर्जित संपत्ति को देखते हुए पता चलता है कि उसने 10 लाख 94 हजार 808 रुपये की अघोषित संपत्ति अर्जित की और इस संपत्ति का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण भी उसने नहीं दिया।