पीड़ितों का आरोप है कि वे 10 मार्च को कार्यालय पहुंचे तो वह बंद मिला। इसके बाद विशाल और अंकित के अलावा ऑफिस के अन्य कर्मचारियों के मोबाइल नंबर मिलाने शुरू किए। सभी ने मोबाइल बंद कर लिया था। पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों के पास उनका पासपोर्ट जमा है। इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ितों ने जो नंबर दिए है उनको सर्विलांस पर लगा दिया गया है।
इनके साथ हुई ठगी
हजरतगंज थाने में पहुंचे ठगी के शिकार युवकों में मो. शफीक आलम, मो. मुस्तफा, रामकुमार प्रजापति, शिव प्रसाद, शेषनाथ पाल, लालधर पाल, अमन कुमार पाल, बृज लाल शर्मा, हरदेव कुशवाहा, उमेश चंद्र, सचिन पाल, अजय कुमार शर्मा, विजेन्द्र गुप्ता, राम अशीष, संतोष कुमार प्रसाद, मिथलेश कुमार मल्ल, अमित यादव, कमलेश कुशवाहा, हृदयेश, मारकंडेय सिंह, पिंटू सिंह, मनोज कुमार शामिल हैं।