प्रतिभा का कहना है कि मोहित ने डॉ. अमरावती के बजाय बकाया पांच लाख वसूलने के लिए कथित राज्यमंत्री के पीआरओ किशन सिंह को उनके सिवान स्थित घर भेज दिया। वहां किशन ने उन्हें धमकाया और हंगामा शुरू कर दिया। लोकलाज के डर से उन्होंने उसे पांच लाख के जेवर दे दिए।
इसके बाद भी नौकरी नहीं मिली तो मोहित व रवि से संपर्क किया। दबाव बनाने पर मोहित ने वॉट्सएप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया। इस पर मोहित से संपर्क किया तो उसने, मां सुभद्रा, पत्नी तथा रवि, निधि ने गाली-गलौज और जानमाल की धमकी देना शुरू कर दिया।
प्रतिभा ने बताया कि 23 नवंबर 2019 को मोहित ने उसे लखनऊ सचिवालय बुलाया। वह पहुंची तो मोहित ने राज्यमंत्री मनीष गुप्ता का नाम लेते हुए 15 लाख रुपये मांगे। मोहित का कहना था कि नौकरी के लिए यह रकम राज्यमंत्री को देनी है। प्रतिभा ने उसे 15 लाख नकद दे दिए। इसके बाद मोहित ने उनसे इंदिरा भवन के सातवें तल पर स्थित अपने ऑफिस में आकर नियुक्ति पत्र लेने को कहा। हालांकि, इसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया।