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Lucknow: सीएम का निजी सलाहकार बताकर रिटायर्ड सैन्यकर्मी से 79 लाख ठगे, फर्जी जज की मदद से बनाया दबाव

Tue, 08 Nov 2022 01:12 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

खुद को मुख्यमंत्री का निजी सलाहकार बताकर रिटायर्ड सैन्यकर्मी से 79 लाख रुपये की ठगी की गई। दबाव बनाने के लिए फर्जी जज का इंतजाम किया। 20 20 लाख रुपये के चेक दिए जो बाउंस हो गए।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पीजीआई के हैवतमऊ मवैया निवासी रिटायर्ड सैन्यकर्मी व कारोबारी मनोज शर्मा से 79 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाज ने खुद को मुख्यमंत्री का निजी सलाहकार बताया था और खनन के लिए बनाई फर्म में साझीदार बनाने का झांसा दिया था। पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

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प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक, मनोज ने बताया कि कुछ दिन पहले बिजनौर के इंद्र बहादुर सिंह से मुलाकात हुई थी। उसने खुद को मुख्यमंत्री का निजी सलाहकार बताया था। साथ ही बताया कि वह अब मुख्यमंत्री का निजी सचिव भी बन गया है।

नवंबर 2018 में आरोपी ने मनोज की मुलाकात तेज बहादुर राय से कराई। जो रामेश्वर माइनस चलाने का दावा करता था। उसने बताया कि खलीलाबाद में करीब आठ बीघा जमीन है। आवास विकास से कॉमर्शियल प्रोजेक्ट अलॉट कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मोटी रकम की जरूरत है।
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खनन फर्म का पार्टनर बनाने का झांसा देकर ठगों ने मनोज से 79 लाख रुपये लेकर हड़प लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो ठगों ने 20-20 लाख के दो चेक दे दिए जो बाउंस हो गए। दबाव बनाने पर इंद्र बहादुर और तेज बहादुर ने शैल कुमार को बुला लिया और उसे जज बताया। जानकारी के अनुसार, तेज बहादुर राय को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने 2017 में लखनऊ से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पार्टनर अश्विनी दीवान को धोखा देते हुए 86 करोड़ रुपये ऐंठे थे। 

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