मुजफ्फरनगर दंगे के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए सरकार
द्वारा पांच लाख रुपये एक व्यक्ति ने फर्जी जानकारी देकर हासिल कर लिए थे।
इसकी जानकारी अधिकारियों को पिछले दिनों शिकायतों की जांच के दौरान हुई।
मुजफ्फरनगर
के लाक गांव का मकसूद पुत्र गफूर तकरीबन पांच साल पहले गांव छोड़कर शामली
में बस गया था।
जब सरकार ने ऐलान किया कि दंगे में विस्थापित लोगों को
पुनर्वास के लिए पांच लाख रुपये की मदद कर रही है।
उस समय मकसूद ने भी खुद
को विस्थापित बताकर पीड़ितों के लिए लगे शिविर में पहुंचकर वहां अपना
पंजीकरण करा लिया।
जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी सही से जांच नहीं
की और जब अन्य लोगों को आर्थिक सहायता दी गई तो मकसूद भी उनमें शामिल रहा।
बाद में शिकायत हुई तो मामला पकड़ में आया।
उसके खिलाफ प्रशासनिक
अधिकारियों ने रिकवरी नोटिस जारी कर दिया है। आईजी कानून-व्यवस्था अमरेंद्र
सेंगर ने यह जानकारी दी। प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि यह चूक जिले के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हुई।