संचालकों के कहने पर युवक सोमवार को दिल्ली हवाई अड्डा पहुंचे, पर वहां कोई नहीं मिला। ठग नासिर हुसैन और सर्वेश कुमार वर्मा के मोबाइल नंबर भी बंद मिले। आक्रोशित युवक मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि ठगी के शिकार युवकों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ितों ने बताया कि ग्लोबल मैनपॉवर कंसल्टेंसी के संचालकों ने कुवैत में नौकरी के लिए नौ महीने का अनुबंध करने और रहना-खाना फ्री होने का लालच दिया था। सप्ताह में छह दिन काम काम करना था। शुक्रवार को वहां छुट्टी होती है।
प्रतिदिन आठ घंटे काम करना था। अतिरिक्त काम का ओवरटाइम दिए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा कंपनी की तरफ से ट्रांसपोर्ट और मेडिकल की सुविधा भी थी।
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप पर वीजा भेजा गया था। यदि समय रहते जांच करवा ली होती तो रुपये नहीं गंवाने पड़ते। दिल्ली पहुंचने पर जब ठगों के मोबाइल फोन बंद मिले, तब वीजा की जांच में असलियत खुली। पीड़ितों का कहना है कि ठग उनके पासपोर्ट भी साथ ले गए हैं।
ठगों ने कुवैत की कंपनी में हेल्पर पद से ऑफिस बॉय, प्लंबर, स्टोर कीपर, जेसीबी ऑपरेटर, लाइट व हैवी ड्राइवर, पाइप फैब्रिकेटर, स्प्रे पेंटर, मोबाइल क्रेन ऑपरेटर, ऑटो इलेक्ट्रीशियन, हाइड्रोलिक ट्रेन ऑपरेटर पद के लिए 100 से 220 दीनार वेतन का लालच दिया था।
एक दीनार यानी भारतीय मुद्रा में 224 रुपये। यानी 23 हजार रुपये से 40000 रुपये के मासिक वेतन पर नौकरी का लालच दिया था। बिहार के सीवान निवासी कुरबान अली ने बताया कि कंपनी संचालकों ने उसे वेल्डर के पद पर नौकरी के लिए पासपोर्ट-वीजा के नाम पर 20000 रुपये और मेडिकल परीक्षण के नाम पर 4000 रुपये वसूले।
देवरिया के एसी तकनीशियन अखिलेश सिंह ने बताया कि उससे भी 24000 रुपये लेकर 140 दीनार की नौकरी की बात कही गई थी। मुंबई में रह रहे इलाहाबाद के मूल निवासी मुख्तार खान ने पाइप फिटर पद के लिए 20000 रुपये दिए थे।