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कुवैत में नौकरी का झांसा दे ले उड़े लाखों रुपये, किए थे ये दावे

Wed, 19 Sep 2018 02:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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जालसाजों के आॅफिस के बाहर पीड़ितों ने किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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कुवैत में नौकरी दिलाने के नाम पर शातिर जालसाजों ने उत्तर प्रदेश और बिहार के बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाया और लाखों रुपये ऐंठ कर भाग निकले। पासपोर्ट-वीजा व मेडिकल परीक्षण के नाम पर युवकों से रुपये तक वसूले।
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जालसाजों ने बीते सोमवार को ने 38 युवकों को दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया और खुद मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गए। ठगे गए युवक मंगलवार को अलीगंज स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचे, पर वहां ताला लटका मिला।

पीड़ित बेरोजगारों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की खबर पर पुलिस पहुंची और युवकों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि ग्लोबल मैनपॉवर कंसलटेंसी के प्रबंध निदेशक मोहम्मद नासिर हुसैन और प्रबंधक सर्वेश कुमार वर्मा ने तीन महीने पहले ही किराये के मकान में ऑफिस खोला था।
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शातिरों ने सोशल मीडिया के जरिए कुवैत के अहमदिया में कॉन्ट्रैक्टिंग एंड ट्रेडिंग कंपनी (केसीएससी) में विभिन्न पदों में नौकरी का विज्ञापन दिया था। लोगों ने विज्ञापन देखकर कंपनी में संपर्क किया था तो बेरोजगारों से संचालकों ने पासपोर्ट, वीजा और मेडिकल परीक्षण के नाम पर 20000 से 75000 रुपये तक जमा कराए।

नौ महीने का अनुबंध और रहना-खाना फ्री का दावा

- फोटो : डेमो
संचालकों के कहने पर युवक सोमवार को दिल्ली हवाई अड्डा पहुंचे, पर वहां कोई नहीं मिला। ठग नासिर हुसैन और सर्वेश कुमार वर्मा के मोबाइल नंबर भी बंद मिले। आक्रोशित युवक मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि ठगी के शिकार युवकों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है।

पीड़ितों ने बताया कि ग्लोबल मैनपॉवर कंसल्टेंसी के संचालकों ने कुवैत में नौकरी के लिए नौ महीने का अनुबंध करने और रहना-खाना फ्री होने का लालच दिया था। सप्ताह में छह दिन काम काम करना था। शुक्रवार को वहां छुट्टी होती है।
 
प्रतिदिन आठ घंटे काम करना था। अतिरिक्त काम का ओवरटाइम दिए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा कंपनी की तरफ से ट्रांसपोर्ट और मेडिकल की सुविधा भी  थी।
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व्हाट्सएप पर भेजा था वीजा

डेमो
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप पर वीजा भेजा गया था। यदि समय रहते जांच करवा ली होती तो रुपये नहीं गंवाने पड़ते। दिल्ली पहुंचने पर जब ठगों के मोबाइल फोन बंद मिले, तब वीजा की जांच में असलियत खुली। पीड़ितों का कहना है कि ठग उनके पासपोर्ट भी साथ ले गए हैं।

ठगों ने कुवैत की कंपनी में हेल्पर पद से ऑफिस बॉय, प्लंबर, स्टोर कीपर, जेसीबी ऑपरेटर, लाइट व हैवी ड्राइवर, पाइप फैब्रिकेटर, स्प्रे पेंटर, मोबाइल क्रेन ऑपरेटर, ऑटो इलेक्ट्रीशियन, हाइड्रोलिक ट्रेन ऑपरेटर पद के लिए 100 से 220 दीनार वेतन का लालच दिया था।

एक दीनार यानी भारतीय मुद्रा में 224 रुपये। यानी 23 हजार रुपये से 40000 रुपये के मासिक वेतन पर नौकरी का लालच दिया था। बिहार के सीवान निवासी कुरबान अली ने बताया कि कंपनी संचालकों ने उसे वेल्डर के पद पर नौकरी के लिए पासपोर्ट-वीजा के नाम पर 20000 रुपये और मेडिकल परीक्षण के नाम पर 4000 रुपये वसूले।

देवरिया के एसी तकनीशियन अखिलेश सिंह ने बताया कि उससे भी 24000 रुपये लेकर 140 दीनार की नौकरी की बात कही गई थी। मुंबई में रह रहे इलाहाबाद के मूल निवासी मुख्तार खान ने पाइप फिटर पद के लिए 20000 रुपये दिए थे।
 
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