बीएसएनएल व वोडा फोन के सिम बेचते थे। ग्रामीण व नई कालोनियों में रहने वाले इनके निशाने में रहते हैं। इन इलाकों में सड़क किनारे कैनोपी लगाकर 10 से 20 रुपये में सिम कार्ड बेचते हैं। 10 रुपये में सिम पर कॉलिंग व इंटरनेट की सुविधा का लालच मिलते ही लोग सिम कार्ड खरीद कर एक्टिवेट कराते हैं। कई बार लोगों को झांसा देकर एक से अधिक बार दस्तावेजों की स्कैनिंग व फोटो खींच लेते हैं। इसके बाद ग्राहकों के नाम से दूसरा सिम सक्रिय कर ठगी का कारोबार शुरू कर देते हैं।
इसके अलावा दूसरे नंबर पर भी रिफरल कोड कैशबैक का फायदा उठाते थे। वॉलेट एक्टिव कर सिंगल तरीके से एक सिम पर चार से पांच सौ रुपये कमाते थे। सिम प्रयोग करने के बाद एनसीआर में चलने वाले साइबर ठगी के कॉल सेंटर को बेच देते थे। इन जालसाजों के निशाने पर वही इलाका होता है जहां कोई मोबाइल की द़ुकान नहीं है। वहां सड़कों पर रोज कैनोपी लगाते हैं। ताकि उन पर लोग भरोसा करने लगे। एक इलाके में 40 से 70 सिम बेचने के बाद दूसरे इलाके में चले जाते हैं। यह गिरोह एक से दो लोगों को ठगने के बाद सिम बंद कर देता था।
वॉलेट से अपने खाते में करते थे ट्रांसफर
प्रभारी निरीक्षक चिनहट धनंजय पांडेय के मुताबिक जालसाज अपने मोबाइल पर भुगतान के लिए बने ज्यादातर एप सक्रिय रखते थे। इनके जरिए बेरोजगारों के खाते से रुपये जमा कराते थे। इसके बाद पासवर्ड हासिल कर उनके खाते को साफ कर देते थे। इसके बाद रकम को ऑनलाइन एकाउंट बनाकर जमा करवाते थे। यहां रकम जमा कराने के बाद वॉलेट से अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। ग्राहकों की आईडी से एक्टिवेट किये गये फर्जी सिमों को फर्ली कॉल सेंटरों में आपूर्ति करते थै। साथ ही अपने द्वारा बनाये गये ई-वॉलेट उपलब्ध कराते थे।
कंपनियों द्वारा किया जा रहा नियमों का उल्लंघन
एसीपी साइबर क्राइम विवेक रंजन राय के मुताबिक इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि लोगों को मुहैया कराने वाले सिम बेचने की प्रक्रिया में सभी कंपनियां खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं। एक व्यक्ति के नाम पर एक ही दिन में एक ही समय और एक ही स्थान से कई सिम एक्टिव हो जा रहा है।
जिसका दुरुपयोग फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले जालसाज कर रहे हैं। इस संबंध में टेलीकॉम प्रोवाइडरों से पत्राचार कर सिम विक्रेताओं द्वारा नियमों का खुलेआम उल्लंघन की जानकारी दी जाएगी। ताकि लोगों के साथ धोखाधड़ी न हो सके। वहीं लोगों से अपील की है कि सिम लेते समय एक ही बार फोटो क्लिक करायें। नहीं तो ठगी के शिकार हो सकते हैं।