लखनऊ में प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर लालकुआं निवासी अजय कुमार से साबइर ठगों ने ढाई लाख रुपये हड़प लिए। ठगों ने पीड़ित से पंजीकरण शुल्क, वेशभूषा, चरित्र सत्यापन और करोना जांच के बहाने गूगल खाते में रुपया जमा कराया और फिर फोन बंद करके गायब हो गए। अजय की तरफ से एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
पीड़ित अजय ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था लेकिन लॉक डाउन के चलते काम छिन गया। अगस्त में उसने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के विज्ञापन का लिंक देखकर अपने मोबाइल फोन पर ही फार्म भरा। फार्म भरते ही आरोही नाम की एक युवती ने उसके नंबर पर कॉल करके खुद को प्रधानमंत्री रोजगार योजना के कार्यालय की कर्मचारी बताया। ठग ने कहा कि योजना में उसका चयन हो गया है लेकिन पंजीकरण के लिए 2500 रुपये शुल्क जमा करना होगा। इसके लिए ठग युवती ने उसे गूगल का एक खाता संख्या दी।
अजय ने उक्त खाते में रुपया जमा करा दिया। इसके बाद ठग युवती ने एयरपोर्ट अथॉरिटी में नौकरी लगने की जानकारी देते हुए अजय के फोटो व अन्य शैक्षिक दस्तावेजों की प्रति मंगाई व सुरक्षा धनराशि के रूप में 15000 रुपया जमा कराने को कहा। अजय ने उक्त रकम भी जमा करा दी। इसके बाद ठग युवती ने वेशभूषा, लैपटॉप और मोबाइल फोन के नाम पर 28900 रुपया मांगा।
उसने कहा कि उक्त रुपये सामान का कूरियर पहुंचते ही रिफंड हो जाएंगे। अजय का कहना है कि उसने दोस्तों व परिचितों से उधार लेकर रुपया जमा किया। आठ दिन बाद ठग युवती ने उसे फिर कॉल की और प्रशिक्षण के लिए 38800 रुपये जमा करने के लिए कहा।
अजय ने किसी तरह यह रकम भी जमा कराई लेकिन उसकी वेशभूषा, लैपटॉप और मोबाइल फोन का कूरियर नहीं आया।पूछने पर ठग युवती ने कुछ औपचारिकताएं बाकी होने की बात कही। उसने कहा कि अभी एयरपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से बैंक में खाता खुलवाने और कोरोना जांच कराने का काम बाकी है।
अजय ने कहा कि उसके पास अपना बैंक खाता है तो ठग युवती ने अपनी एक अन्य अधिकारी से उसकी बात कराई। दूसरी अधिकारी ने उसे समझाते हुए रुपया जमा करने को कहा। उसका कहना था कि उपरोक्त औपचारिकताएं पूरी करते ही 10 अक्तूबर को उसे नियुक्ति दे दी जाएगी।
अजय ने धीरे-धीरे ठगों के खाते में ढाई लाख रुपये जमा कराए पर नौकरी नहीं मिली। अब वह नौकरी के लिए ठगों के मोबाइल नंबर पर कॉल कर रहा है तो कोई फोन नहीं उठा रहा। कुछ मोबाइल नंबर बंद भी आ रहे हैं। परेशान होकर उसने कैसरबाग कोतवाली की पुलिस से संपर्क कर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया।