दीपावली मनाने के लिए दिल्ली से अपने घर लौटने वाले यात्रियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
देश की राजधानी से लखनऊ के लिए शुक्रवार की ट्रेनों में जहां 11000 यात्री वेटिंग में थे, वहीं शनिवार को भी 9500 से ज्यादा यात्रियों के पास कंफर्म टिकट नहीं हैं।
वही, लोगों को दो नवंबर के लिए शुक्रवार को खुले तत्काल कोटे से उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें तब कड़ा झटका लगा, जब 12558 सप्तक्रांति एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का तत्काल वेटिंग के साथ खुला।
दरअसल, दिल्ली में चल रहे एक रैकेट ने पहले ही तत्काल में सेंध लगा ली।
उधर, लखनऊ मेल सहित सभी प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली से लखनऊ के लिए एक एसी स्पेशल ट्रेन चलाई। इससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली।
रातभर लाइन लगने व रेल आरक्षण काउंटरों पर पहला नंबर हासिल करने के बावजूद सैकड़ों लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल सका।
तत्काल खुलने से पहले ही दिल्ली और उसके आसपास चल रहे रैकेट ने सेंध लगाकर सीटें हथिया ली थीं।
इस तरह के मामले जून-जुलाई में मुंबई के रेल आरक्षण केंद्रों से भी प्रकाश में आए थे।
शुक्रवार को लखनऊ मेल की शयनयान श्रेणी में 413, एसी तृतीय में 230, एसी द्वितीय में 56 यात्रियों की सीटें कंफर्म नहीं हो सकीं।
इसी तरह दूरंतो एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सहित सभी मुख्य ट्रेनों की शयनयान श्रेणी में 300 से अधिक यात्रियों के वेटिंग टिकट कंफर्म नहीं हुए।
इन ट्रेनों में शनिवार को भी लंबी वेटिंग लगी हुई है।