वाणिज्य कर अधिकारी ने बताया कि ई-वे बिल अनिवार्य होने के बाद हर खरीद-फरोख्त की सूचना विभाग को मिलने लगी। ऐसी स्थिति में कर चोरी का माल एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए ठगों ने ई-वे बिल हासिल करने की कोशिशें शुरू कर दीं। ठगों का सिर्फ एक मकसद है कि ई-वे बिल हासिल हो जाए और किसी का नाम भी सामने न आए। इसके लिए ठग व्यापारियों ने ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फर्मों का जीएसटीएन पंजीकरण कराया। पंजीकरण होते ही फर्मों ने खरीद-फरोख्त की जानकारी देकर ई-वे बिल हासिल कर लिए। इसके बाद फर्जी फर्मों पर माल इधर से उधर भेजकर जीएसटी कर चोरी कर डाली।
जांच में पता चला कि सिर्फ आठ आधार नंबर पर अलग-अलग व्यक्तियों ने 67 फर्मों का पंजीकरण कराया। इसमें से एक आधार नंबर ऐसा निकला जिस पर 27 पंजीकरण पाए गए। ऐसे पैन भी मिले जिन पर एक ही कारोबार के लिए एक ही प्रदेश में दो-दो पंजीकरण कराए गए थे। एसटीएफ को सितंबर, 2017 का एक ऐसा बिजली का बिल मिला जिस पर 24 फर्में पंजीकृत हैं।
वाणिज्य कर अधिकारी ने बताया कि यूपी से बाहर पंजीकृत 86 व्यापारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उक्त व्यापारियों ने फर्म के पंजीकरण के लिए उन्हीं मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पैन और आधार का इस्तेमाल किया जिनका प्रयोग यूपी के व्यापारियों ने किया है।
इस चोरी में माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए 17 ट्रांसपोर्ट कंपनियों के नाम सामने आए हैं। एसटीएफ ने इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों के 1591 वाहनों को चिह्नित किया है। अधिकारियों ने बताया कि सुपर सर्विसेज ने 73 ई-वे बिल से 83 लाख रुपये के माल का परिवहन किया। संजय रोड लाइंस ने पांच ई-वे बिल से 39 लाख रुपये, स्टार रोडवेज ने 16 बिल से पौने पांच करोड़ रुपये, यूपी बिहार रोडवेज कैरियर ने पांच बिल से एक करोड़ रुपये, आल इंडिया रोड लाइंस झारखंड ने दो बिल से 23 लाख रुपये, भारद्वाज रोडवेज जमशेदपुर ने दो बिल से 16 लाख रुपये, गणपति कारगो मूवर्स जमशेदपुर ने 20 बिल से ढाई करोड़ रुपये के अलावा जयलक्ष्मी ट्रांसपोर्ट जमशेदपुर, विशाल रोड लाइंस ने भी ई-वे बिल के जरिए माल लाने ले जाने का काम किया। इसमें से किसी भी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों-संचालकों का विवरण नहीं मिल सका है। दो कंपनी आगरा की जंक्शन रोड लाइंस और कानपुर के ट्रांसपोर्टनगर की एसजीसी गुड्स कैरियर ने 22 ई-वे बिल से सवा तीन करोड़ रुपये के माल का परिवहन किया।