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बैंक की ई-मेल आईडी का क्लोन बनाकर ट्रांसफर करा लिए 47 लाख रुपये, अफसरों को भनक लगी तो उड़ गए होश

Wed, 09 May 2018 10:00 AM IST
संजय त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : demo
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जालसाजों ने जिला कोऑपरेटिव बैंक मुरादाबाद की ई-मेल आईडी का क्लोन तैयार किया और विधानसभा मार्ग स्थित मुख्य शाखा को ई-मेल से निर्देश देकर आरटीजीएस से 47 लाख रुपये स्थानांतरित करा लिए। लापरवाह अफसरों को हफ्ते भर बाद भनक लगी।
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मुंबई में पंजाब एंड महाराष्ट्रा कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में जालसाज का खाता फ्रीज कराया गया। इस बीच छह लाख रुपये उड़ाए जा चुके थे। ई-मेल के क्लोन से 47 लाख की जालसाजी के चार महीने बाद तत्कालीन मुख्य प्रबंधक ने मंगलवार को कैसरबाग कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस व साइबर क्राइम सेल की टीम पड़ताल में जुटी है।

उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की अलीगंज शाखा से संबद्ध उपमहाप्रबंधक कामता प्रसाद ने तहरीर में कहा है कि इससे पहले बैंक की विधानसभा मार्ग स्थित शाखा में मुख्य प्रबंधक के पद पर तैनाती थी। उनके कार्यकाल में 23 जनवरी को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मुरादाबाद की ई-मेल आईडी से एक मेल प्राप्त हुआ।
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इसमें जिला सहकारी बैंक लि मुरादाबाद के खाता संख्या 000200340000639 से 47 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से खाता संख्या 036110100000483 में स्थानांतरित करने का निर्देश था। इस पर सहायक प्रबंधक सुदीप्ता श्रीवास्तव ने ई-मेल की प्रति निकाल कर सहायक प्रबंधक मृदुला गौतम को अग्रसारित की। मृदुला ने अग्रसारित करने के साथ आरटीजीएस की सूचना अपलोड की और मुख्य प्रबंधक के निर्देश पर रकम जिला सहकारी बैंक मुरादाबाद के ई-मेल में दर्शाए खाते में स्थानांतरित कर दी गई।

खाते से 47 लाख रुपये स्थानांतरित होने पर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मुरादाबाद के अधिकारियों ने हफ्ता भर बाद 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड को फोन किया। बताया गया कि बैंक से 47 लाख रुपये किसी खाते में स्थानांतरित करने का ई-मेल नहीं किया गया था। किसी ने ई-मेल आईडी का क्लोन बनाकर जालसाजी की है। इससे हड़कंप मच गया।

छानबीन में पता चला कि जालसाजों ने मुंबई की पंजाब एंड महाराष्ट्रा कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की साकी विहार रोड, पोवई शाखा में मेसर्स जार्डन ट्रेवेल्स के खाते में 47 लाख रुपये स्थानांतरित कराए थे।
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खाता फ्रीज होने से पहले हड़पे छह लाख

तत्कालीन मुख्य प्रबंधक कामता प्रसाद ने कैसरबाग कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार उपाध्याय को बताया कि फर्जी ई-मेल से निर्देश देकर आरटीजीएस से 47 लाख रुपये स्थानांतरित कराए जाने की पुष्टि पर पंजाब एंड महाराष्ट्रा कोआपरेटिव बैंक लि के अधिकारियों से संपर्क करके खाता फ्रीज कराया गया। इस बीच जालजाजों द्वारा छह लाख रुपये निकाले जा चुके थे। पंजाब एंड महाराष्ट्रा बैंक के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक को 31 जनवरी, 2 फरवरी और 20 फरवरी को पत्र भेजकर जालसाजों के खाते का ब्योरा उपलब्ध कराते हुए जानकारी दी कि फ्रीज खाते में 41 लाख रुपये जमा हैं।

जालसाजों को पकड़ने की कवायद
साइबर क्राइम सेल के निरीक्षक विजयवीर सिंह सिरोही ने बताया कि कैसरबाग कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। ई-मेल भेजने में इस्तेमाल कंप्यूटर का नंबर, इंटरनेट कनेक्शन व अन्य तरीके से सुराग लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पड़ताल की जाएगी कि जालसाजों ने ई-मेल का क्लोन तैयार किया था या बैंक में साठगांठ करके ई-मेल आईडी व पासवर्ड का पता लगाया।
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