सचिवालय कर्मी ने युवती को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार की रिश्वत ली। मामले में आरोपी को छह साल की कैद और 2.25 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है।
लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले सचिवालयकर्मी सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण मंजुला सरकार ने छह साल की कैद और 2.25 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माना राशि में से 53 हजार रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएं। दोषी समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत था।
सरकारी अधिवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता उदय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया था कि सत्य प्रकाश ने उसकी बेटी को स्वास्थ्य विभाग में हाउस कीपर की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये लिए थे। 15 दिन में नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। रकम वापस मांगने पर सिर्फ 27 हजार रुपये लौटाए।
सचिवालय प्रशासन के तत्कालीन विशेष सचिव पंकज गंगवार ने 19 सितंबर 2008 को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच के बाद हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।