राखी सेन ने शुक्रवार को जब शिकायत दर्ज कराई तो गोमतीनगर पुलिस को पर्यटन भवन बुलाया गया। वहां पुलिस की उपस्थिति में राखी ने आलोक मिश्रा को फोन मिलाया तो उसने कहा कि जुगाड़ पूरा है। विश्वास रखिए। डॉक्यूमेंट्री का ठेका आपको दिला दूंगा। बाकी आरोपियों के फोन स्विच ऑफ थे।
कई और पीड़ित पहुंचे पर्यटन भवन
‘अमर उजाला’ में शनिवार को ‘कुंभ के नाम पर फर्जी टेंडर निकालकर करोड़ों की ठगी’ शीर्षक खबर छपने के बाद जालसाजी के शिकार कई ठेकेदार गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन पहुंचे। छुट्टी होने के बावजूद वहां मौजूद अधिकारियों से मिलकर फर्जी टेंडरों से जुड़ी जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि ठगी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ सकती है।
मंत्रियों से भी करवाई सिफारिश
कंबल, चादर व तौलियों का टेंडर जब निकाला गया तो कई ठेकेदार मंत्रियों से सिफारिश के लिए भी पहुंचे। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रियों के सिफारिश पत्र पर टेंडर लेने के लिए पर्यटन भवन में अधिकारियों पर दबाव डाला। वहां से टेंडर फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद ठेकेदारों ने हाथ पीछे खींच लिए।
पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। पीड़ित ठेकेदारों से जानकारी ली जा रही है। जरूरत पड़ी तो एसटीएफ की भी मदद ली जाएगी। पर्यटन विभाग के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।