सरकारी विभागों में चोरी, गबन और संपत्तियों के नुकसान से जुड़े मामलों को विभागीय जांच में उलझाने का बड़ा खेल चल रहा है।
इनमें कई मामले 20 से 25 साल पुराने हैं। इसमें लोक निर्माण, शिक्षा, सिंचाई, भूमि अध्याप्ति व स्वास्थ्य जैसे एक दर्जन से ज्यादा विभाग शामिल हैं। सीएजी ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस प्रवृत्ति पर सवाल उठाए हैं।
प्रदेश के सरकारी विभागों में 2012-13 तक चोरी, गबन और बजट के दुरुपयोग से जुड़े 143 ऐसे मामले चिह्नित किए गए हैं जो काफी समय से लंबित हैं।
इसमें 25 साल व इससे ज्यादा समय से पुराने 27 मामले भी शामिल हैं। इनमें चोरी के 65 और गबन के 44 प्रकरण हैं।
ढाई दर्जन से ज्यादा ऐसे मामले हैं जिनमें विभागीय व आपराधिक जांच लंबित है। 77 मामले ऐसे हैं जिनकी विभागीय जांच शुरू की गई लेकिन उसे अंतिम रूप नहीं दिया गया।
इन प्रकरणों से 5.50 करोड़ की रकम फंसी हुई है। दो मामलों में कार्यवाही पूरी भी की गई लेकिन रकम की वसूली लंबित है।