रोहतास बिल्डर ने सुल्तानपुर रोड स्थित प्लॉट का नामातंरण चार अगस्त 2017 को घनश्याम के पक्ष में किया था। इसके लिए 11,19,025 रुपये देने थे। पीड़ित पांच लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। आरोप है कि सात साल बीतने के बाद भी आरोपियों ने न तो प्लॉट पर कब्जा दिया और न ही रकम वापस की। छानबीन करने पर पता चला कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट ही बंद कर दिया है। पीड़ित पक्ष ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दिए गए फोन नंबर पर बात नहीं हो सकी। इसके बाद पीड़ित ने संयुक्त पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
फर्म के पार्टनर पर रकम हड़पने का आरोप, एफआईआर
सरोजनीनगर की सैनिक हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले सुरेंद्र पाल सिंह ने फर्म के पार्टनर पर रुपये के गबन का केस दर्ज कराया है। पीड़ित का कहना है कि पार्टनरशिप फर्म ब्रविसा लैंड डवलपर्स में उनके अलावा रुची सिंह, बृजेश सिंह, राम सिंह, विकास सिंह और संजय सिंह पार्टनर हैं। आरोप है कि मई 2019 को हुई बैठक में विकास सिंह ने स्वेच्छा से रिटायरमेंट पार्टनर डीड पर हस्ताक्षर किया था और फर्म से अलग हो गए थे। उन्हें उनका हिस्सा वापस कर दिया गया था। अप्रैल 2019 में रुची सिंह ने भी फर्म से रिटायर होने का निर्णय लिया। रुचि को हस्ताक्षर करना था, लेकिन अपना हिस्सा लेने के बाद वह टालमटोल करने लगीं। फर्म की ओर से उन्हें 12 लाख 50 हजार रुपये दिए गए थे। आरोप है कि कई बार कहने पर भी रुचि और उनके पति ने आनाकानी की। पीड़ित ने एयरपोर्ट जाकर विपिन से मुलाकात की और रुचि सिंह से हस्ताक्षर करवाने के लिए कहा। इस पर आरोपी ने धमकी दी। पुलिस उपायुक्त से शिकायत के बाद केस दर्ज हुआ है।