लखनऊ में रोहतास कंपनी के निदेशकों का नया कारनामा सामने आया है। इन्होंने ग्राहकों को बेचे फ्लैट पर ही कर्ज ले लिया और किस्तें भी नहीं चुकाई। यह रकम जब 12.83 करोड़ पहुंच गई तो बैंक ने नोटिस चस्पा किया। इस पर ग्राहकों को दो माह पहले फर्जीवाड़े का पता चला।
पीड़ितों ने रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड व एंडीज टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक परेश रस्तोगी समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रभारी निरीक्षक डीके उपाध्याय ने बताया कि गोखले मार्ग स्थित रोहतास कोर्ट अपार्टमेंट में रहने वाले मनोज रस्तोगी व चौक के खुनखुनजी रोड निवासी उनके रिश्तेदार वैभव रस्तोगी ने चार साल पहले संयुक्त रूप से कंपनी का फ्लैट खरीदा था।
राजा राम मोहन राय मार्ग स्थित एंडीज टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने विभूतिखंड में रोहतास प्लूमेरिया होम्स नाम से आवासीय व व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में फ्लैट व ऑफिस के ऑफर दिए थे। मनोज और वैभव ने ऑफिस जाकर निदेशकों से संपर्क किया।
उन्होंने कहा प्रोजेक्ट जल्द तैयार होगा और काम पूरा होते ही फ्लैट की रजिस्ट्री कर कब्जा दे दिया जाएगा। इस पर मनोज ने 13 मार्च 2008 को 25,000 रुपये व वैभव ने 16 जुलाई 2009 को 10,000 रुपये जमा कर एक फ्लैट बुक कराया।
पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत
डेमो
कंपनी ने 22 मई 2010 को दोनों को फ्लैट का आवंटन पत्र सौंपा। इसके बाद मनोज, वैभव ने पांच अगस्त 2014 तक फ्लैट के 31,04,190 रुपये जमा करा दिए। कंपनी ने भुगतान होते ही फ्लैट का कब्जा दे दिया। मनोज, वैभव बिजली कनेक्शन लेकर रहने भी लगे। दोनों ने निदेशकों से रजिस्ट्री के लिए कहा तो वे बहाने बनाकर टालते रहे।
दो महीने पहले मनोज और वैभव के फ्लैट पर सिंडीकेट बैंक की ओर से बकाया होने का नोटिस चस्पा किया गया तो उनके होश उड़ गए। इसमें कहा गया था कि मेसर्स रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड व एंडीज टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक परेश रस्तोगी, पंकज रस्तोगी, पियूष रस्तोगी और दीपक रस्तोगी ने उक्त फ्लैट समेत अन्य संपत्तियों को बंधक बनाकर लोन लिया है।
किस्तों का भुगतान न करने से 12,83,69,874.30 रुपये कंपनी के निदेशकों पर बकाया हैं। दोनों ने निदेशकों से बात की तो उन्होंने जल्द मामला निस्तारित कर रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिलाया। दोनों ने बैंक जाकर पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि निदेशकों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर फ्लैट को गिरवी रखकर लोन लिया था।
15 नवंबर को मनोज और वैभव ने रोहतास प्लूमेरिया होम्स के पास कंपनी के निदेशक परेश रस्तोगी से मुलाकात कर फर्जीवाड़े के बारे में बातचीत की तो वह लोन लेने की बात से मुकर गया और जानमाल के धमकी देते हुए भगा दिया। इसके बाद पीड़ितों ने परेश रस्तोगी, पंकज रस्तोगी, पियूष रस्तोगी व दीपक रस्तोगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस केस दर्ज करके जांच कर रही है।