लखनऊ। डाक विभाग में जाली टिकटों का बड़ा खेल सामने आया है। चौक प्रधान डाकघर से संबंधित फ्रेंचाइजी आउटलेट ने 1041 लिफाफों पर जाली टिकट लगाकर सरकार को चूना लगाने की कोशिश की। संदेह होने पर लिफाफों पर लगे टिकट को जांच के लिए भारतीय मुद्रालय नासिक भेजा गया। 20 रुपये के इन डाक टिकटों को जाली घोषित किया गया। इनसे विभाग को 23,480 रुपये की क्षति हुई। रिपोर्ट आने के बाद डिप्टी पोस्ट मास्टर ने चौक थाने में फ्रेंचाइजी आउटलेट की मालकिन के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने सरकारी खजाने को चूना लगाने, कूटरचित टिकट तैयार करने व धोखाधड़ी में केस किया।
प्रभारी निरीक्षक चौक विश्वजीत सिंह के मुताबिक प्रधान डाकघर में राम बिहारी डिप्टी पोस्टमास्टर हैं। उनके मुताबिक सीतापुर रोड स्थित त्रिवेणीनगर-3 निवासी शालिनी निगम ने प्रधान डाकघर चौक से फ्रेंचाइजी आउटलेट ले रखा है। पिछले साल आठ जुलाई को उनके आउटलेट का नवीनीकरण प्रवर अधीक्षक लखनऊ मंडल के कार्यालय से किया गया। फ्रेंचाइजी आउटलेट को डाक सामग्री बुक कर संबंधित डाकघर में प्रस्तुत करने का अधिकार होता है।
राम बिहारी ने तहरीर में बताया कि शालिनी ने 9 दिसंबर को शाम चार बजे 1047 पंजीकृत पत्र और 147 स्पीड पोस्ट का लिफाफा चौक प्रधान डाकघर को सौंपा। इसमें 31 स्पीड पोस्ट और 1010 पंजीकृत पत्रों पर चस्पा डाक टिकट काउंटर सहायक को संदिग्ध लगे। जांच के लिए इन पत्रों के संबंधित डाक मंडलों से संपर्क किया गया। वहां बांटे लिफाफे को मूल रूप से वापस मंगवाया गया। मामले की जानकारी प्रवर अधीक्षक डाकघर लखनऊ मंडल को दी गई, जिसके बाद विभागीय जांच कराने का आदेश हुआ। पड़ताल में लिफाफों पर लगे टिकट संदेह के घेरे में आए।
27 मार्च को जांच के लिए भेजे टिकट
प्रवर अधीक्षक डाकघर लखनऊ मंडल ने 27 मार्च को संदिग्ध लिफाफों में टिकट लगे लिफाफे को जांच कराने के लिए भारतीय प्रतिभूति मुद्रालय नासिक भेजा। डिप्टी पोस्ट मास्टर के मुताबिक कुल 1041 लिफाफों पर लगे डाक टिकट जाली थे। शालिनी निगम ने साजिश रचते हुए विभाग को 23,480 रुपये की क्षति पहुंचाई। राम बिहारी ने चौक थाने में तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक चौक विश्वजीत सिंह के मुताबिक विभागीय जांच की रिपोर्ट और टिकटों की आपूर्ति के बारे में पड़ताल की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।