बिजनौर और उत्तराखंड के रुड़की में बम विस्फोट समेत कई वारदात को अंजाम देने वाले 4 सिमी आतंकियों को ओडिशा में गिरफ्तार किया गया। बुधवार को राउरकेला में ओडिशा के स्पेशल आपरेशन ग्रुप, तेलंगाना पुलिस व आईबी ने तीन घंटे तक चली मुठभेड़ में एक आतंकी की मां समेत चारों को गिरफ्तार किया। सभी आतंकियों की गिरफ्तार पर 10-10 लाख रुपये का इनाम था।
विज्ञापन
इनमें से तीन आतंकी 2013 में मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से फरार हो गए थे। कई राज्यों की पुलिस इनकी तालश कर रही थी। सभी एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल थे। सिमी आतंकियों से एनआईए ने पूछताछ शुरू कर दी है। यूपी एटीएस व बिजनौर पुलिस की एक टीम भी पूछताछ के लिए भेजी जा रही है।
यूपी एडीजी-लॉ एंड ऑर्डर के भगवान स्वरूप ने बताया कि गिरफ्तार होने वालों की पहचान अमजद खान (27), जाकिर हुसैन (32), शेख महबूब (27) सालिक (33) व उसकी मां नगमा के रूप में हुई है।
विज्ञापन
लूट-डकैती कर धन आतंक के लिए धन इकट्ठा करते थे
ओडिशा के राउरकेला में बुधवार को गिरफ्तार किए गए चारों सिमी आतंकियों ने यूपी समेत 7 राज्यों में कई वारदातों को अंजाम दिया था। सभी दो साल से राउरकेला में रहकर आतंकी साजिश के लिए लूट-डकैती कर धन जुटा रहे थे।
इस बीच इन्होंने यूपी और उत्तराखंड के अलावा मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में अपराध किए।
मध्यप्रदेश के रहने वाले आतंकियों की पहचान अमजद खान (27) उर्फ दाऊद उर्फ पप्पू उर्फ उमर पुत्र रमजान खान, जाकिर हुसैन (32) उर्फ सादिक उर्फ विक्की डॉन उर्फ विनय कुमार पुत्र बदरुल हुसैन, शेख महबूब (27) उर्फ गुड्डू उर्फ समीर उर्फ रमेश पुत्र शेख इस्माइल, सालिक (33) उर्फ सल्लू पुत्र मोहम्मद हाकिम और उसकी मां नजमा बी के तौर पर हुई है।
राउरकेला के एक मकान में छिपे इन आतंकियों को एसओजी व पुलिस ने तीन घंटे से अधिक चली मुठभेड़ के बाद पकड़ा। आतंकियों ने भी पुलिस दल पर गोली चलाई पर दोनों ओर से कोई घायल नहीं हुआ। इनके पास से पांच बंदूकें भी बरामद हुईं। मुठभेड़ के दौरान बम निरोधी दस्ते आदि भी सक्रिय रखे गए थे। पता चला है कि इन लोगों ने यहां फर्जी नाम-पते पर किराए पर मकान लिया हुआ था।
मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से भागे थे
2013 में मध्यप्रदेश के खंडवा जेल से भागने के बाद उनके बारे में जांच एजेंसियों को तब पता चला था, जब बिजनौर में 14 दिसंबर, 2014 को विस्फोट की एक वारदात हुई। यह धमाका उस वक्त हुआ जब ये आतंकी बम तैयार कर रहे थे।
यूपी के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) भगवान स्वरूप ने बताया कि ये आतंकी कई मामलों में वांछित चल रहे थे।
पासपोर्ट बनवाने की कोशिश में थे आरोपी अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि चारों आतंकियों ने एक बीमा एजेंट की मदद से फर्जी पैन कार्ड बनवा लिए थे। अब वे इसके जरिए पासपोर्ट बनवाने की कोशिश में थे। इसके लिए उन्होंने एक व्यक्ति से संपर्क किया था, जिसकी तलाश हो रही है।
अभी तय नहीं कहां जाएगी एटीएस आईजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि एनआईए इन आतंकियों से पूछताछ कर रही है और इन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना पुलिस भी पहले उसे रिमांड पर लेगी। ऐसे में आरोपियों को हैदराबाद भी ले जाया जा सकता है। स्थिति जैसे ही स्पष्ट होगी एटीएस व पुलिस की टीम वहां भेज दी जाएग़ी।