वारदात सुबह करीब सात बजे हुई। अंकित के मुताबिक वह फ्लैट पर अपने सहयोगी सचिन कटारे, अश्विनी पांडेय, कुलदीप यादव, जितेंद्र तोमर, अभिषेक सिंह, अभिषेक वर्मा व शुभम गुप्ता के साथ थे तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। पूछने पर अपार्टमेंट के चौकीदार ने अपना नाम बताया तो अंकित ने दरवाजा खोल दिया। चौकीदार के पीछे ही सात लोग भीतर घुस आए जिनमें से दो ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।
सभी ने असलहे ताने...और झोलों में भरने लगे रुपये
सभी ने असलहे निकालकर तान दिए और गोली मारने की धमकी दी। इस बीच पुलिसकर्मियों ने बेड से बिस्तर हटाकर फेंक दिया और बॉक्स खोलकर उसके भीतर रखे रुपये झोलों में भरने लगे।
रोका तो लात-घूंसे बरसाए
अंकित और उसके साथियों ने रोकने की कोशिश की तो लात-घूंसों से जमकर पीटा। झोलों में रुपये भरने के बाद पुलिसकर्मी और उनके साथियों ने अंकित व उनके सहयोगियों को पकड़ लिया।
गुडवर्क दिखाने की भी साजिश
पुलिसकर्मियों ने गुडवर्क दिखाने की भी साजिश की। लूट के बाद बाकी बचे 1.53 करोड़ रुपये के साथ सभी को गोसाईंगंज थाना ले जाया गया। यहां पकड़े गए लोगों और कालेधन पर कार्रवाई को लेकर पंचायत चलती रही।
इस बीच, लुटेरे पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया पर फ्लैट से कालाधन के साथ कारोबारियों के पकड़े जाने का मैसेज वायरल कर वाहवाही लूटने की कोशिश की, लेकिन उनका झूठ ज्यादा देर टिक न सका। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मामले की जांच के लिए एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर और क्राइम ब्रांच की टीम भेजी तो पुलिसकर्मियों की साजिश का खुलासा हो गया। एसएसपी ने बताया कि भ्रष्टाचारी और लुटेरे पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।