वजीरगंज पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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लखनऊ। केजीएमयू के लारी अस्पताल में सोमवार को पुलिस ने छापा मारकर दलाल सिंडिकेट के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके बारे में अस्पताल प्रशासन की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोपियों से उनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है।
इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी के मुताबिक अस्पताल में दलालों की सक्रियता की शिकायतों पर पुलिस टीम गठित कर जांच की जा रही थी। दरोगा प्रदीप नागर सोमवार को लारी अस्पताल में ओपीडी के पास पहुंचे तो उन्हें कुछ लोग तीमारदारों के साथ दवाई की खरीदारी के लिए झगड़ा करते दिखे। उन्होंने झगड़ा कर रहे दलाल नक्खास के शाहगंज निवासी मुस्तकीम खान, हुसैनगंज के दौलतगंज निवासी मो. अफजल, हुसैनाबाद निवासी शहजान और साकिब को रोकने का प्रयास किया।
दरोगा से मारपीट पर हुए आमादा
दरोगा ने बताया कि रोकने पर आरोपी उनसे मारपीट करने पर आमादा हो गए। इस पर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को वह गुमराह कर निजी अस्पताल में भर्ती कराते थे। इसके लिए निजी अस्पताल संचालक उन्हें अच्छा कमीशन देते थे। आरोपी तीमारदारों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए दबाव भी बनाते थे।
विरोध पर तीमारदारों से करते थे मारपीट
आरोपियों ने बताया कि अगर कोई तीमारदार उनकी बात मानने से मना कर देता था तो वे लोग एकजुट होकर मारपीट करते थे। मेडिकल स्टोर संचालक आरोपियों को मोटा कमीशन देते थे।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इसके पहले भी केजीएमयू में बाहरी दवाओं की बिक्री को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद दलालों के नेटवर्क सक्रिय हैं। हाल में ही अमर उजाला ने भी अभियान चलाकर केजीएमयू में बाहरी दवाओं के लिखे जाने का राजफाश किया था। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने पुलिस को पत्र भेजा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के अन्य साथियों के बारे में पुलिस पता लगाने में जुटी है।