लखनऊ। दहेज हत्या के दोषी पति अमित प्रजापति को एडीजे आशीष कुमार चौरसिया ने 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसमें से 50 हजार रुपये मृतका की मां को देने का आदेश दिया है। इसी मामले में आरोपी ससुर नंदकुमार प्रजापति को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
कोर्ट में बताया गया कि रामलली प्रजापति ने 25 जुलाई 2019 को बक्शी का तालाब थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादिनी की बेटी उषा की शादी 27 जनवरी 2019 को अमित प्रजापति से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर 22 जुलाई 2019 को उषा की हत्या कर शव सैथा नदी में फेंक दिया गया था। शव 25 जुलाई को बरामद हुआ।
वादिनी ने बेटी के पति, ससुर नंदकुमार प्रजापति, सास, देवर और ननदों के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाया था। विवेचना के बाद पुलिस ने पति अमित प्रजापति और ससुर नंदकुमार प्रजापति के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।