फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: केजीएमयू के चार चिकित्सकों से ठगे 30 लाख

Fri, 19 Sep 2025 02:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ।
विज्ञापन

केजीएमयू में तैनात डॉ. मो. आमिर हुसैन ने संस्थान के डॉक्टर दंपती व एक अन्य चिकित्सक पर उनसे व उनके तीन सहकर्मियों से निवेश के नाम पर 30 लाख ठगने का आरोप लगाया है। डीसीपी पश्चिमी विश्वजीत श्रीवास्तव के आदेश पर चौक पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

डॉ. आमिर केजीएमयू में जूनियर रेजिडेंट हैं। उनके मुताबिक एक साल पहले उनकी मुलाकात संस्थान के फिजियोलॉजी विभाग में तैनात डॉ. साक्षी वर्मा से हुई। उसने उनका परिचय पति डॉ. अजय कुमार वर्मा से कराया, जो संस्थान के ही एनाटॉमी विभाग में कार्यरत हैं। दंपती ने डॉ. आमिर से ग्रीन बाई वेदा कंपनी में निवेश कर मुनाफा कमाने की बात कही। कंपनी का दफ्तर विभूतिखंड स्थित साइबर टावर में है। हामी भरने पर दंपती ने डॉ. आमिर की पहचान डॉ. गौरव सिंह से कराई, जिसने खुद को केजीएमयू का पूर्व कर्मचारी बताया। बातों में आकर पीड़ित डॉक्टर ने सात लाख रुपये एक होटल में आरोपी डॉ. अजय को दिए। यहां उनसे कुछ पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
विज्ञापन

पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद तीनों उन पर और लोगों से निवेश कराने का दबाव डालने लगे। विरोध पर धमकाना शुरू कर दिया। विवश होकर डॉ. आमिर ने साथी डॉ. मो. फिरोज खान, डॉ. आशुतोष सिंह और वाराणसी के काशीपुर निवासी डॉ. आशीष कुमार से सात नवंबर 2024 से 23 नवंबर 2024 तक कई टुकड़ों में 21 लाख रुपये जमा कर लिए।

फर्जी दस्तावेज लगाकर किया लोन का आवेदन
डॉ. आमिर का आरोप है कि इस बीच आरोपियों ने उनसे आधार और पैन कार्ड भी ले लिया। फिर बिना बताए उन्हीं के नाम पर इंडियन बैंक का क्रेडिट कार्ड जारी करा लिया। आरोप है कि तीनों ने उनके कार्ड से दो लाख रुपये और निकाल लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज बनवाए और लोन के लिए आवेदन कर दिया। हालांकि वे सफल नही हो सके। आरोपी उनके, डॉक्टर आशुतोष और फिरोज के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कंपनी का प्रचार करने लगे।
विज्ञापन


पीड़ित का खाता कराया फ्रीज
डॉ. आमिर के मुताबिक जब उन्होंने व अन्य पीड़ितों ने आरोपियों से मुनाफे के साथ रकम मांगी तो वे धमकाने लगे। परेशान होकर पीड़ित ने इनकी शिकायत केजीएमयू प्रशासन से कर दी। आरोप है कि इससे नाराज होकर आरोपियों ने डॉ. आमिर के खिलाफ ठगी का झूठा केस साइबर सेल में दर्ज कराकर उनका खाता फ्रीज करा दिया। ऐसे में पीड़ित ने डीसीपी पश्चिमी से शिकायत की। इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय की जांच में मामला सही पाए जाने पर केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक पीड़ितों को बयान के लिए बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें