four hospital for taking care of corona patient
लखनऊ। कोरोना के मरीजों के लगातार घटने से अब अस्पतालों को कोविड मुक्त करने की तैयारी है। इसी क्रम मेें बुधवार से सिर्फ चार अस्पतालों में ही कोरोना मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। अन्य अस्पतालों में सिर्फ कोविड इमरजेंसी यूनिट ही रहेगी। यहां कोई कोविड लक्षण वाला मरीज पहुंचेगा तो उसे भर्ती कर जांच कराई जाएगी। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे कोविड अस्पताल रेफर कर दिया जाएगा।
अभी तक राजधानी में एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित 31 अस्पतालों में कोविड मरीजों को भर्ती करने की सुविधा थी। इसमें 18 प्राइवेट अस्पताल थे। कुल आइसोलेशन के 2645, एचडीयू के 763, आईसीयू के 516 बेड थे। इस समय इन सभी अस्पतालों को मिलाकर करीब 800 मरीज भर्ती हैं। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि मरीजों की संख्या कम होने से तय किया गया है कि अब सिर्फ केजीएमयू, एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान और कमांड हॉस्पिटल में ही कोरोना मरीजों को भर्ती कर इलाज होगा। केजीएमयू में ऑक्सीजन वाले 185 व वेंटिलेटर के 40 बेड हैं। इसी तरह पीजीआई में 200 व 80, लोहिया में 105 व 20 और कमांड हॉस्पिटल में 60 ऑक्सीजन व 40 वेंटिलेटर बेड हैं। कुछ प्राइवेट हॉस्पिटलों में भी इलाज जारी रखने पर फैसला किया जा सकता है। अन्य अस्पतालों को कोविड मुक्त कर सभी को सूचना भेजी जा रही है।
अन्य वार्डों में पीपीई किट की अनिवार्यता खत्म
कोरोना के घटने मामले को देखते हुए एम्स प्रशासन ने पीपीई किट पहनने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। कोविड वार्ड के अलावा अन्य वार्डों में डॉक्टर व अन्य स्टाफ बिना पीपीई किट पहने कार्य कर सकते हैं। हालांकि उन्हें मेस मास्क, दस्ताने, फेस शील्ड पहनना अनिवार्य किया गया है। राजधानी में अन्य वार्ड में डॉक्टर व कर्मचारी बिना पीपीई किट के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन कोविड हॉस्पिटल में अभी पीपीई किट पहनने की अनिवार्यता खत्म नहीं की गई है। कोविड हॉस्पिटल में पीपीई किट पहनकर ही वार्ड में जाने का निर्देश है।