लखनऊ में मड़ियांव के घैलापुल के पास गोमती नदी में बृहस्पतिवार को नहाने गई चार किशोरियां डूब गईं। वहां पहले से मौजूद एक युवक की सक्रियता से दो किशोरियों को तो जिंदा बचा लिया गया, लेकिन दो के शव ही मिले।
क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि शबनम और नसरीन दुबग्गा सब्जी मंडी के पास रहती हैँ और दोनों ही सब्जी बेचती हैं।
शबनम की बेटियां चांदनी (12)और रीना (5) नसरीन की बेटी सबा (10) और उनकी सहेली रोशनी (11)घैला पुल गईं और गोमती नदी में नहाने उतर गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नहाते समय चारों डूबने लगीं। वहीं नदी में नहा रहे दुबग्गा निवासी विश्वकर्मा ने देख लिया। उसने किसी तरह से रोशनी और रीना को तो बचा लिया, लेकिन सबा और चांदनी गहरे पानी में डूब गईं।
पुलिस ने गोताखोरों को नदी में उतारा पर दो घंटे की कवायद के बाद शबा और चांदनी के शव ही मिले। शबा और नसरीन ने बताया कि मंगलवार को भी चारों बिना बताए नदी में नहाने गईं थी। पता पता चलने पर चारों को डांटा भी था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को हमारे मंडी जाने के बाद चारों चोरी से घैलापुल पहुंचीं और नहाने चली गईं।
नदी में डूबी किशोरियों को बचाने वाले विश्वकर्मा को क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह सहित वहां मौजूद सभी ने शाबासी दी। उसके प्रयास की सराहना की। स्थानीय लोगों के मुताबिक जब किशोरियां डूब रही थी तो वहां कोई बचाने के लिए पहल नहीं कर रहा था। विश्वकर्मा के साहस के कारण ही दो किशोरियां जीवित हैं।