श्रावस्ती। माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू हो रही है। 12 मार्च तक चलने वाली परीक्षा के लिए जिले में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां हाईस्कूल के 12,662 व इंटरमीडिएट के 9,871 सहित कुल 22,533 परीक्षार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे। इनमें आरडी वर्मा स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैसावा, श्री जानकी प्रसाद आदर्श इंटर कॉलेज कैलाशपुर, तुलसी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गढ़ी चौराहा व बाबा जब्दहा इटर कालेज घुड़दौरिया संवेदनशील व प्राचार्य मिश्र किसान इंटर काॅलेज लक्ष्मननगर अति संवेदनशील सूची में शामिल हैं।
सभी परीक्षा केंद्रों पर तैनात होंगे स्टेटिक मजिस्ट्रेट
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों पर 49 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। उपायुक्त मनरेगा, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, पीडी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, सीवीओ, सहायक श्रमायुक्त, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड छह व जिला उद्यान अधिकारी को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
बनाए गए छह सचल दल
बोर्ड परीक्षा के लिए डीआईओएस मिथिलेश कुमार, बीएसए अजय कुमार, बीईओ गिलौला अमित कुमार, इकौना फूलचंद मौर्य, जमुनहा सतीश कुमार व सिरसिया राजकिशोर के नेतृत्व में सचल दल बनाया गया है। जो परीक्षा के दौरान केंद्रों पर छापामारी करेंगे।
-बॉक्स मे-
दो स्थानों से होगी निगरानी
बोर्ड परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी व वाइस रिकाॅर्डर लगाए गए हैं। जिनकी निगरानी के लिए डीआईओएस कार्यालय सहित कलेक्ट्रेट स्थित ई गवर्नेंस लैब में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां से परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग होगी। प्रश्न पत्र वितरण के समय निगरानी के लिए स्ट्रांग रूम खुलवाने की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार को सौंपी गई है।
वर्जन
चार डबल लाॅक में सुरक्षित रहेंगे प्रश्न पत्र
सुरक्षा के लिए प्रश्नपत्रों को डबल लाॅक में रखा जाएगा। इसमें से स्ट्रांग रूम में रखी प्रथम, द्वितीय व तृतीय डबल लाॅक अलमारियों के एक ताले की चाभी केंद्र व्यवस्थापक तो दूसरे की चाभी बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी। बाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास रखी गई दूसरे लाॅक की एक चाभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास होगी। जिनकी उपस्थिति में ही डबल लाॅक खाेला जाएगा। जबकि एक चाभी संबंधित थानाध्यक्ष व उनके द्वारा नामित एसआई के पास रहेगी।
- अजय कुमार द्विवेदी, डीएम