पीजीआई के वृंदावन सेक्टर 14 में बुधवार सुबह गोरखपुर के पुरवा निवासी दुर्गेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पड़ताल में पहुंची पुलिस के हाथ कई फर्जी दस्तावेज लगे। इस मामले में पुलिस ने दुर्गेश के चार साथियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
प्रभारी निरीक्षक पीजीआई केके मिश्रा के मुताबिक वृंदावन सेक्टर 14 निवासी सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात अजय यादव के मकान में चार लोग किराए पर रहते थे। मकान अजय ने मानवेंद्र सिंह को दी थी जो एटा के निजोर स्थित फंफादू का रहने वाला है। बुधवार सुबह इसी मकान में गोरखपुर के उरूवा माट भताड़ निवासी दुर्गेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में मनीष यादव और पलक ठाकुर को पुलिस ने देर शाम गिरफ्तार कर लिया था। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक पूरे मकान की जब तलाशी ली गई तो घर के अंदर से नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। कमरे के अंदर कई फर्जी नियुक्ति पत्र बुलावा पत्र पहचान पत्र बरामद हुए। इसके अलावा कई कूट रचित दस्तावेज मिले, जो सरकारी प्रयोग में आते हैं।
कमरे के अंदर से मोहरे भी मिली, जो सरकारी विभागों के अधिकारियों के पद नाम से थी। पुलिस ने इस मामले में देर रात मुकदमा दर्ज किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में मानवेंद्र सिंह एटा निजोर फंफादू का रहने वाला है। उसका साथी सोवेंद्र यादव, गोरखपुर के गोला किशनपुर का निवासी संजीत कुमार और सहजनवा के तिलौरा का रहने वाला अभय कुमार शामिल है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।