लखनऊ। विभूतिखंड पुलिस ने एक जालसाज गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी दस्तावेज लगाकर फाइनेंस कंपनियों से लोन कराता था। इसके बाद रकम हड़प जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक फाइनेंस कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगाया है। गिरोह के सदस्यों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर लाखों रुपये के कीमती सामान खरीदे लेकिन कोई किस्त जमा नहीं की। पुलिस ने आरोपियों के पास से 32 स्मार्टफोन बरामद किए हैं जिनकी कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई जा रही है।
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक, हरियाणा गुरुग्राम में कैमडेन टाउन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी है। यह कंपनी जेस्टमनी नाम की वेबसाइट और एप के माध्यम से लोगों को सीधे लोन देती है ताकि लोग आसानी से अपनी जरूरत के इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य चीजें खरीद सकें। रविवार को कंपनी के प्रबंधक अजय कुमार यादव ने विभूतिखंड थाने में केस दर्ज कराकर शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेज के माध्यम से अलग-अलग दुकानों पर जाकर सामान खरीद चुके हैं। इसमें विपुलखंड स्थित सीपी-2 सीटी माल स्थित रिलायंस डिजिटल स्टोर से छह लाख रुपये कीमत के मोबाइल और लैपटॉप खरीदे गए।
इसी तरह आलमबाग स्थित रिलायंस डिजिटल स्टोर से भी कुछ सामान खरीदने का प्रयास किया गया। विभूतिखंड पुलिस ने दोनों स्टोर से खरीदारों की डिटेल और सीसीटीवी फुटेज हासिल किए। जांच में पता चला कि एक गिरोह फर्जी ढंग से दस्तावेज तैयार कर जेस्टमीन एप से लोन हासिल कर कैमडेन टाउन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को चूना लगा रहा है। जांच के बाद सोमवार को विभूतिखंड पुलिस ने इस मामले में हरियाणा निवासी नसीम अहमद, शाहिद, राजस्थान निवासी राशिद और मुबारिक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से अलग-अलग कंपनियों के 31 मोबाइल भी बरामद किए। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष कुमार मिश्र के मुताबिक, बरामद किए गए मोबाइलों की कीमत 11 लाख रुपये से अधिक है। अभी इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।