पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने रविवार सुबह एक्स पर अपने साथ काम कर चुके सहयोगियों, दोस्तों और पुलिस के सभी योद्धाओं को संबोधित भावुक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने लिखा कि इस पद को बिना किसी पछतावे और गर्व के साथ छोड़ रहा हूं। मेरी प्रार्थनाएं, सम्मान और समर्थन हमेशा आप सबके साथ रहेगा। 31 मई को सेवानिवृत्ति के बाद जब मैं अपने घर पहुंचा तो मेरा दिल कृतज्ञता, गर्व और अपनेपन की भावना से भर गया। यह सिर्फ विदाई नहीं है, बल्कि रुकने, चिंतन करने और सेवा की इस असाधारण यात्रा में मेरे साथ चलने के लिए आप सभी को धन्यवाद देने का क्षण है। वे सिपाही जो ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तेज बारिश में खड़ा रहता है, जो अधिकारी रात भर जागकर केस को सुलझाता है, वह इस पुलिस बल की सच्ची आत्मा है। हम सबने साथ में त्रासदी, विजय और परिवर्तन का सामना किया है। पुलिसिंग को आधुनिक बनाया, साइबर अपराध और अन्य विपरीत परिस्थितियों का सामना किया। इससे बढ़कर सबका विश्वास जीता। खाकी में नागरिकों का विश्वास बढ़ा। अंत में लिखा कि यूनीफॉर्म अस्थायी है, ड्यूटी हमेशा है।