लखनऊ में पूर्व सपा पार्षद अपार्टमेंट में 70 किलोवाट बिजली चोरी करा रहा था। इसके बदले वहां रहने वाले परिवारों से खुद पैसे वसूलता था। छापेमारी में खुलासा हुआ तो अफसरों के भी होश उड़ गए।
राजधानी लखनऊ में बिजली कर्मचारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से बिजली चोरी कराई जा रही है। शुक्रवार देर रात की गई छापेमारी में इसका खुलासा हुआ। करीब 70 किलोवाट बिजली चोरी का खुलासा हुआ तो अफसरों के होश उड़ गए।
विज्ञापन
मामला बाजार खाला थाना क्षेत्र के खजुआ पुलिस चौकी के निकट स्थित एक अपार्टमेंट का है। यहां 17 परिवार चार साल से बिजली चोरी कर रहे थे। छापेमारी में उन्हें पकड़ लिया गया। यह बिजली चोरी उस इलाके का समाजवादी पार्टी का पूर्व पार्षद करवा रहा था। टीम ने चोरी पकड़ी तो सौदेबाजी करके मामला खत्म करने का प्रयास किया गया। लेकिन, तब तक अफसरों को इसकी भनक लग गई थी।
मामले में बिजली चोरी करने वाले पूर्व पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। लखनऊ सेंट्रल जोन के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल को जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने सभी जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही तत्काल कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
हर परिवार से वसूलता था दो-दो हजार रुपये
ऐशबाग के अधिशासी अभियंता एसके साहू ने बताया कि बिजली चोरी करने वाला पूर्व पार्षद हर फ्लैट के परिवार से हर महीने दो-दो हजार रुपये वसूलता था। अमूमन इस पूरे अपार्टमेंट में लगभग 70 किलो वाट की बिजली चोरी हो रही थी। इसके लिए पूर्व में इस क्षेत्र में तैनात रहे जूनियर इंजीनियर उत्खंड अधिकारी और फीडर मैनेजर जिम्मेदार हैं।