एसएसपी से मिलकर तहरीर देते पवन पांडेय
- फोटो : amar ujala
पूर्व राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय पवन व पूर्व चेयरमैन सहकारी गन्ना विकास समिति सुरेंद्र यादव को गुरुवार की देर रात मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है।
पूर्व मंत्री ने शुक्रवार को एसएसपी से मिलकर एफआईआर दर्ज कराने व सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। इधर, घटना को लेकर सपाईयों में आक्रोश है। सत्ता पक्ष के इशारे पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया गया है।
मामले में एसएसपी का कहना है कि एफआईआर दर्ज करा दी गई है। सीओ सदर को मामले की जांच सौंपी गई है। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने बताया कि गुरुवार की देर रात उन्हें व पूर्व चेयरमैन सहकारी गन्ना विकास समिति सुरेंद्र यादव को एक व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर गुरुवार रात धमकी दी।
पूर्व मंत्री के मुताबिक, मोबाइल नंबर 9580222333 से उनके मोबाइल पर रात 11:30 से 12 बजे के बीच पांच बार एक व्यक्ति ने फोन करके गन्ना समिति के चुनाव में हस्तक्षेप न करने की हिदायत देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
गन्ना समिति पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप
पूर्व मंत्री ने बताया कि उसी व्यक्ति ने उसी नंबर से सुरेंद्र यादव के मोबाइल पर 11:08 बजे धमकी मिली। पूर्व मंत्री एवं पूर्व चेयरमैन ने शुक्रवार को एसएसपी से मिलकर तहरीर दी।
पवन पांडेय ने कहा कि गन्ना समिति पर कब्जा करने के लिए सत्ताधारी दल कई दिनों से सक्रिय है, सभापति ने इस्तीफा भी गुरुवार को दे दिया था। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर दहशत फैलाई गई। सबकुछ सत्ताधारी दल के इशारे पर हो रहा है।
इस बाबत एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। सीओ सदर दीपक कुमार को जांच सौंपी गई है। सपा प्रवक्ता ओमप्रकाश ओमी ने धमकी की निंदा करते हुए एसएसपी से पूर्व मंत्री व पूर्व चेयरमैन की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
धमकाने वाला निकला पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
- फोटो : amar ujala
सीओ सदर दीपक कुमार ने बताया कि पूर्वमंत्री तेज नारायण पांडेय को धमकाने के मामले में मोबाइल करने वाले की पहचान कर ली गई है।
उसका नाम आलोक सिंह है, वह साकेत पीजी कॉलेज का छात्रसंघ पूर्व अध्यक्ष है। उसे नोटिस दिया गया है।
आलोक ने पुलिस को भरोसा दिलाया है कि जब उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा, तब हाजिर हो जाएगा।