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Lucknow News: पूर्व कर्मचारी ने साथियाें संग मिलकर डाली थी डकैती, दो गिरफ्तार

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लखनऊ। किराना व्यापारी पर हमला कर डकैती डालने वाले दो बदमाशों को वंजीरगंज पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में व्यापारी की दुकान पर काम करने वाला पूर्व कर्मचारी भी है। उसी ने साजिश रची थी और चार साथियों के साथ मिलकर डाका डाला। पुलिस भागे हुए तीन डकैतों की तलाश में जुटी है।
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रकाबगंज के शाहमऊ हाउस काॅलोनी निवासी कृष्ण गोपाल वर्मा की इलाके में किराना की बड़ी दुकान है। 26 मई रात करीब 11 बजे जब वह दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे तभी बाइक सवार डकैतों ने उन पर हमला कर दिया था। स्कूटी में टंगा रुपयों से भरा बैग लेकर भाग निकले थे। बैग में 3.50 लाख रुपये की नकदी थी। डीसीपी पश्चिम दुर्गेश कुमार ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में शामिल गायत्रीपुरम निवासी नवीन बाजपेई और रकाबगंज के गोपाल द्विवेदी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से एक लाख 22 हजार रुपये की नकदी व चोरी की एक स्कूटी बरामद हुई है।

ऐसे दिया था घटना को अंजाम
डीसीपी के मुताबिक गोपाल पहले कृष्ण गोपाल की दुकान पर काम करता था। तीन महीने पहले नौकरी छोड़कर चाय का ठेला लगाने लगा था। नवीन उसका परिचित है। उसने नवीन के साथ मिलकर घटना की साजिश रची। उसको पता था कि कृष्ण गोपाल की दुकान बाजार में सबसे देर में बंद होती है और वह तीन-पांच लाख तक की नकदी स्कूटी में आगे टांगकर ले जाते हैं। इसलिए उसने उनको निशाना बनाया। नवीन के साथ उसके दो साथी गए थे। आरोपी गोपाल द्विवेदी ने मुखबिरी की और एक अन्य साथी घटनास्थल के पास खड़ा रहा था।
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डकैती की धारा में बदला केस
वारदात के वक्त स्कूटी से तीन बदमाश आए थे। इसलिए पुलिस ने तहरीर के आधार पर लूट की धारा में एफआईआर दर्ज की थी। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि घटना में पांच बदमाश शामिल थे, इसलिए लूट की धारा को डकैती में बदला गया है। गिरफ्तार आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।

ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने घटना से संंबंधित सीसीटीवी फुटेज निकाले। इससे पता चला कि आरोपी जिस स्कूटी से आए थे उसमें नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने कृष्णगोपाल की दुकान के पास लगे कैमरों की फुटेज देखी, जिससे पता चला कि दुकान के पास उनका पूर्व कर्मचारी गोपाल द्विवेदी खड़ा है। उनके निकलते ही गोपाल द्विवेदी किसी को कॉल करता है। इससे उस पर शक गहराया। और फुटेज जुटाए, जिससे पता चला कि गोपाल द्विवेदी व उसके साथी घटना के बाद एक साथ मिलते हैं, वहां पैसों का बंटवारा करते हैं। तब पुलिस ने इन सभी की धरपकड़ शुरू की थी। आरोपी नवीन पिछले साल लूट व गोपाल द्विवेदी 2017 में दो बार चोरी में जेल गया था।
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