लखनऊ। आलमबाग से मऊ जा रही एसी जनरथ बस के कंडक्टर ने 46 महंगे टिकट बेचने के बाद बे-बिल में उन्हें हाफ बनाकर घोटाला कर दिया। मामला प्रकाश में आने पर आरोपी कंडक्टर को नोटिस जारी कर हफ्तेभर में जवाब मांगा गया है।
उक्त प्रकरण रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के अवध बस डिपो का है। यहां घोटालों पर अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा है। टिकट गड्डी चोरी होने से लेकर डीजल चोरी तक के प्रकरणों की जांच पहले ही चल रही है। अब महंगे टिकट बेचने के बाद हेरफेर कर उन्हें हाफ टिकट बनाने का मामला उजागर हुआ है। कंडक्टर ने वे-बिल पर कम दूरी व हाफ टिकट का ब्योरा दर्ज कर रोडवेज को आर्थिक चपत लगाई गई है। आशंका होने पर वे-बिल की जांच अल्ट्रावायलट मशीन से कराई गई तो वे-बिल में कटिंग की बात उजागर हुई। कंडक्टर ने मैनुअल टिकट पर 620 रुपये प्रति यात्री किराये की जगह 342 रुपये ही जमा किए। इससे प्रतियात्री 269 रुपये की चपत लगाई गई।
अवध डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने आरोपी संविदा कंडक्टर कांतेश कुमार शर्मा को केंद्र प्रभारी के जरिए नोटिस जारी कराकर हफ्तेभर में जवाब मांगा है। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि नोटिस का जवाब आने पर कार्रवाई की जाएगी।
अवध बस डिपो का यह प्रकरण दो साल तक अफसरों ने दबाए रखा। अचानक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने जब अलमारी को डुप्लीकेट चाबी से खुलवाया तो प्रकरण उजागर हुआ। अलमारी में प्रकरण से जुड़े कागजों के साथ ही अल्ट्रा वायलट मशीन भी मिली। जिसकी जांच में हेराफेरी सामने आई। प्रपत्रों की जांच में पता लगा कि मामला 11 मई, 2022 का है। आलमबाग बस अड्डे से मऊ जाने वाली एसी जनरथ बस संख्या यूपी 32 एमएन 9123 में काटे गए टिकटों की समीक्षा में चपत की बात सामने आई है।