वहीं, थाना विभूति खण्ड में माह जुलाई एवं अगस्त 2018 तथा माह जुलाई एवं अगस्त 2019 के मस्टररोल पर संबंधित प्रभारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक के हस्ताक्षर अंकित किये गये। उसे थाना स्तर से उनके हस्ताक्षर होना नहीं पाया गया और यह मस्टररोल भी फर्जी मिला।
जांच के दौरान करीब आधा दर्जन बार आरोपी अधिकारी से जवाब भी मांगा गया लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन सब गड़बड़ियों की गहन जांच के बाद अब सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है।