सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आबादी के अनुपात में निजी क्षेत्र में भी आरक्षण देने की पैरोकारी की। उन्होंने कहा कि भाजपा 85 प्रतिशत समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। भाजपा ने इस बहुमत को अपमानित किया है।
वे बुधवार को पार्टी कार्यालय में प्रदेश के चुनिंदा डेढ़ सौ पिछड़े नेताओं को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश ने कहा कि सपा विभाजन और विघटन की राजनीति के खिलाफ है। भाजपा आरक्षण को समाप्त करने की पैंतरेबाजी कर रही है। जनता भाजपा को सत्ता से हटाने का निर्णय कर चुकी है।
भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते अर्थव्यवस्था संकट में है। नोटबंदी-जीएसटी से व्यापार चौपट है। रोजगार के नए अवसर सृजित नहीं हो रहे हैं। भाजपा सरकारें सिर्फ कॉरपोरेट समाज व्यवस्था को स्थापित करने में लगी हैं। देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है।
मंडल संदेश यात्रा निकाली जाएं
वरिष्ठ नेता लौटनराम निषाद ने हर जिले में मंडल संदेश यात्रा निकालने, 17 अतिपिछड़ी जातियों को आरक्षण की सुविधा देने और पटरी व्यवसायियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाने का सुझाव रखा। उन्होंने कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका व पदोन्नति में ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण व्यवस्था की मांग की।
भ्रष्टाचार किसान, नौजवानों के मुद्दे उठाएं विधायक
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा बुनियादी मुद्दों से मुंह छिपाती है। राज्य में कानून का राज खत्म है। भाजपा सरकार में नौकरियां छीनी जा रही हैं। बेरोजगारी दूर करने के लिए सरकार की कोई योजना नहीं है। भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा है। मंहगाई से जनता बदहाल है इसलिए विधायक इन मुद्दों को जोर शोर से उठाएं।
वे सपा विधानमंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश ने कहा कि भाजपा डरी हुई है। वह मुद्दों पर बहस नहीं करना चाहती है। मुख्यमंत्री को ठोको भाषा से भी माहौल बिगड़ा है। जनता महंगाई से परेशान है।