इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह को सरकार ने नया महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) बनाया है। वह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की सरकार में अपर महाधिवक्ता रह चुके हैं। पिछली लोकसभा में वह बसपा के सांसद थे।
बसपा से निकाले जाने के बाद चुनाव के दौरान वह सपा में शामिल हो गए थे। प्रदेश सरकार ने गत 29 जुलाई को विनय चंद्र मिश्र को महाधिवक्ता के पद से हटा दिया था।
तब से यह पद रिक्त चल रहा था। मिश्र को हटाने के बाद सरकार ने अपर महाधिवक्ता सीबी यादव को महाधिवक्ता का प्रशासनिक कार्य देखने को कहा था। इस बीच महाधिवक्ता की नियुक्ति में देरी को पीआईएल के जरिये मुद्दा बनाया गया था।
मोदी की तारीफ कर चर्चा में आए थे विजय
विजय बहादुर सिंह पिछली लोकसभा में हमीरपुर से बसपा के सांसद रह चुके हैं। बसपा ने नई लोकसभा के चुनाव के समय उन्हें टिकट नहीं दिया।
उन्होंने तब भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहे नरेंद्र मोदी के समर्थन में बयान दिया था। इससे नाराज मायावती ने उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया।
उस समय चर्चा थी कि सिंह भाजपा से टिकट चाहते हैं। बाद में वह लोकसभा चुनाव के दौरान सपा में शामिल हो गए।
मुख्यमंत्री ने रविवार को नीदरलैंड रवाना होने से पहले सिंह को महाधिवक्ता नियुक्त कर दिया।
पूर्व महाधिवक्ता के कार्यकाल की जांच भी कराएंगे
मुख्यमंत्री ने पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र के कार्यकाल में कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच भी बैठा दी थी। अपर महाधिवक्ता सीबी यादव की अध्यक्षता में गठित कमेटी इसकी जांच कर रही है। कमेटी को एक महीने के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है।
अभी यह जांच चल रही है। जानकार बताते हैं कि नवनियुक्त महाधिवक्ता विजय बहादुर को यह जांच भी समय से पूरी कराकर सरकार को रिपोर्ट देनी है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ व न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोड़ा की खंडपीठ ने सरकार को चार सितंबर तक महाधिवक्ता की नियुक्ति का आदेश दिया था।