लखनऊ। अदब के शहर लखनऊ में अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। ''पहले आप'' की पहचान वाले लखनवी अब पहले मैं को तरजीह देने लगे हैं। अब तो न सिर्फ ऑफिस ऑवर्स में बल्कि लगभग पूरे दिन हर छोटे-बड़े चौराहे पर जाम की स्थिति है। बाजारों में अतिक्रमण बड़ा मुद्दा है। जर्जर सरकारी इमारतें कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। शहर स्वच्छता रैंकिंग में तो वाह वाही लूट लेता है, लेकिन अभी भी कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हैं। वार्डों में नाली, खड़ंजा व जल जमाव भी बड़ी समस्या है।
यह बातें अमर उजाला के डालीबाग स्थित दफ्तर में शहर भर से जुटे जागरुक पाठकों ने कहीं। बाजार में अतिक्रमण के मुद्दे पर व्यापारियों ने अपनी ओर से पहल करते हुए कहा कि हम व्यापारियों को पहले अपने अतिक्रमण को नियंत्रित करना होगा। उसके बाद अमर उजाला इस दिशा में अधिकारी, मंत्री व नेताओं के सहयोग से तमाम मुद्दे सुलझाए।
संवाद में उठे ये मुद्दे
1- हर चौराहे के सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त हों और एक सिपाही की तैनात हो। ज्यादातर चौराहों के सिग्नल खराब हैं।
2- अमीनाबाद व चौक जैसे पारंपरिक बाजारों में अतिक्रमण, पार्किंग व महिला शौचालयों की सुविधा बड़ा मुद्दा है। चौक के काली बाजार में गंदा पानी भरता है।
3- पार्किंग के लिए पुराने शहर के बाजारों में पार्कों का इस्तेमाल किया जाए।
4- जवाहर भवन व इंदिरा भवन के शौचालयों में गंदगी का अंबार है।
5- ई रिक्शा के नियंत्रण की व्यवस्था बने। यह हजारों लोगों के लिए सुविधा तो है लेकनि व्यवसि्थत न होने से जाम की बड़ी वजह भी है।
संवाद में रहे ये जागरुक पाठक
बीबीएयू की एसोसिएट प्रोफेसर व प्रवक्ता डॉ. रचना गंगवार, केंद्रीय संस्कृत विवि की छात्रा शैल दुबे व सुमति तिवारी, सीए वरुण सिंघल, शिया डिग्री कॉलेज से असगर अब्बास, पूर्व सैनिक आदर्श सिंह, व्यापारी राम अनुज तिवारी, शिक्षक संजीव कुमार, व्यापारी अशोक मोतियानी, सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार, लेखिका मीठू राय, लेखिका व शेफ अनीता शर्मा, जवाहर भवन इंदिरा वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव पंकज मेहरोत्रा व सचिव धीरेंद्र बहादुर सिंह।