लखनऊ। केजीएमयू प्रशासन यूरोलॉजी विभाग में महिला से हुई छेड़खानी की घटना दबाने में जुट गया है। कोई कार्रवाई तो दूर अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए समिति तक नहीं बनाई है।
काकोरी मोड़ निवासी महिला ने यूरोलॉजी विभाग में अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद से पीड़ित महिला विभाग में इलाज कराने से भी कतरा रही है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी विभाग ने जांच नहीं कराई है। प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना है कि विभाग से जानकारी मांगी गई है। समिति गठित कर जांच कराई जाएगी। अगर आयुष डॉक्टर के जांच करने की पुष्टि हुई तो संबंधित कंपनी पर भी कार्रवाई होगी।
पीपीपी मॉडल पर सवाल : यूरोलॉजी विभाग में काफी लंबे समय से पीपीपी मॉडल पर जांच की जा रही हैं। केजीएमयू में रेडियोलॉजी विभाग होने के बावजूद, यूरोलॉजी में पीपीपी मॉडल पर मशीनें चल रही हैं। इससे मरीजों को महंगी फीस चुकानी पड़ रही है। आरोप ये भी है कि अल्ट्रासाउंड आयुष विधा का डॉक्टर कर रहा था।