उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में जाकर वन विभाग के 865 खाली पदों पर भर्तियां फंसकर रह गई हैं। इसमें से अधिकतर पदों के लिए अधियाचन एक से दो साल पहले भेजा गया था। बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो रही है। इससे पौधरोपण समेत वन विभाग का रूटीन कामकाज प्रभावित हो रहा है।
विभाग में वन रक्षकों के 620 पद खाली हैं। इसके लिए 10 नवंबर 2016 को अधियाचन भेजा गया था। वन रक्षकों की कमी के कारण नए रोपे गए पौधों की रक्षा काम भी प्रभावित हो रहा है। आगामी वर्षों के पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा करने में भी दिक्कतें महसूस की जा रही हैं।
जबकि, पौधरोपण अभियान और लगाए गए पौधों की सुरक्षा योगी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। यही वजह है कि इन पदों पर शीघ्र भर्ती के लिए वन मुख्यालय से कमोबेश हर महीने ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। लेकिन, अभी तक नतीजा सिफर ही है।
इसी तरह से वन विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के 65 पद, मानचित्रकार के 39 पद, सर्वेयर के29, आशुलिपिक के 31 और वाहन चालक के 81 पद रिक्त हैं। इन सभी पदों के लिए भी काफी पहले अधियाचन भेजा गया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि न तो अधियाचन के प्रारूप को लेकर आयोग ने कोई आपत्ति की है और न ही हर महीने रिमाइंडर भेजने के बावजूद किसी तरह का जवाब मिल रहा है। इसका असर वन विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं पर पड़ रहा है। पर्यावरण संरक्षण संबंधी योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।