पिकअप भवन में लगी आग (फाइल फोटो।)
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पिकप भवन अग्निकांड में गुजरात से आई फोरेंसिक टीम ने रविवार को तीन घंटे तक महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। टीम ने कार्यालय में किसी ज्वलनशील पदार्थ के न होने की पुष्टि करने के साथ ही शॉर्ट सर्किट से अचानक इतनी बड़ी आग लगने पर संदेह जताया है।
टीम ने भी पहली मंजिल पर सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ भी की। वह तीन दिन में अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देगी। शनिवार को प्रदेश सरकार की जांच समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में साजिशन आग की ओर इशारा किया था।
प्रदेश सरकार की पहल पर गुजरात के अहमदाबाद स्थित फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के सतीश चंद्र खंडेलवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम राजधानी पहुंची। इसमें सीडी बापोदरा और एके शर्मा भी शामिल थे। टीम नमूनों को सीलबंद कर अपने साथ ले गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम इस बात पर भी फोकस कर रही है कि अग्निकांड हादसा था या फिर साजिश। अग्निकांड में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज राख हो गए हैं। आशंका है कि ये सभी किसी घोटाले से जुड़े थे। संभवत: इन्हें नष्ट करने के लिए ही आग का सहारा लिया गया है।