लखनऊ। बिना सूचना दिए ही फिलीपींस के नागरिक को हॉस्टल में रुकने की अनुमति देने के आरोप में नदवा दारूल उलूम के प्रधानाचार्य, सब रजिस्ट्रार, वार्डन, गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी और कॉलेज के अन्य जिम्मेदारी पदाधिकारियों के खिलाफ हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। 12 दिसंबर को थाने में तैनात दरोगा सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर यह एफआईआर धोेखाधड़ी, साजिश और विदेशी पंजीकरण अधिनियम- 1939 की धारा में दर्ज की गई है।
इंस्पेक्टर हसनगंज चितवन कुमार ने बताया कि एफआईआर में प्रधानाचार्य मौलाना अब्दुल अजीज नदवी, सब रजिस्ट्रार हारून रशीद, महादुल अली हॉस्टल के वार्डन मो. कैसर, सुरक्षाकर्मी व अन्य जिम्मेदारों को नामजद किया गया है। इसमें बताया गया कि कॉलेज के हॉस्टल में फिलीपींस का छात्र मो. यासिर हॉस्टल नंबर 307 में रहकर पढ़ाई करता है। उसके कमरे में 30 नवंबर से दो दिसंबर के बीच उसका परिचित फिलीपींस निवासी मो. आरून सारिप आकर रुका था। आरोप है कि इस दौरान वह शहर में अलग-अलग जगहों पर घूमने भी गया था।
विदेशी छात्र के हॉस्टल में ठहरने की कोई भी जानकारी नामजद आरोपियों ने न तो हसनगंज पुलिस को दी और न ही संबंधित विभाग को। नियम के अनुसार विदेश नागरिक के ठहरने पर उसे ठहराने वाले को फॉर्म-सी भरकर जमा करना पड़ता है। आरोप है कि 14 अक्तूबर को एफआरआरओ (फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) लखनऊ ने नोटिस के माध्यम से कॉलेज को निर्देशित किया था कि वह कॉलेज में आने वाले विदेशी छात्र व नागरिक के संबंधक में सूचित करें। इस बात का आरोप है कि ऐसा लग रहा है कि संस्थान ने जानबूझकर विदेशी नागरिक के बारे में जानकारी नहीं दी। इतना ही नहीं कॉलेज ने विदेशी नागरिक के संबंध में आने-जाने के रिकॉर्ड को भी मुख्य गेट पर रखे रजिस्टर में अंकित नहीं किया। इंस्पेक्टर हसनगंज का कहना है कि मामला दर्ज कर सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज की गई रिपोर्ट
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) धोखाधड़ी से संबंधित है और अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। 61 आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है। जब दो या दो से अधिक लोग मिलकर कोई गैरकानूनी काम करने की साजिश रचते हैं। इसके लिए सजा अपराध की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग होती है। विदेशी पंजीकरण अधिनियम- 1939 की धारा 5 और 7(1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एफआईआर की जानकारी नहीं है। नदवा में रुकने वाला छात्र पूर्व में यहां का छात्र रह चुका है, वह अपने दोस्त से मिलने आया था और रुक गया। इसकी प्रबंधन को जानकारी नहीं थी। एफआरओ में बुलाया गया था वहां पर जानकारी दे दी है। साथ ही नदवा में एलान कराया गया है कि अगर कोई रुकता है तो उसकी जानकारी प्रबंधन को दी जाए। आगे से हाॅस्टल में निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि कोई गलती न होने पाए।
-मौलाना अम्मार हसनी नदवी, उप प्रबंधक दारुल उलूम नदवतुल उलमा