लविश चौधरी और उसके राजदारों पर अब विदेश मंत्रालय की नजर है। अमर उजाला की रिपोर्ट के बाद केंद्र में हलचल मची है। मंत्री का कहना है कि ठगी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। गोंडा में वीडियो कांफ्रेंसिंग से विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कार्रवाई की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश में फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले के मास्टरमाइंड लविश चौधरी और उसके राजदारों के खिलाफ अब विदेश मंत्रालय ने औपचारिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अमर उजाला की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद मंत्रालय ने पूरी रिपोर्ट मांगी है।
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विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए साफ निर्देश दिया कि इस पूरे मामले के हर पहलू की पड़ताल की जाएगी। राजदारों की भूमिका भी अब जांच के दायरे में आएगी। विदेश राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया भारत सरकार देश के भीतर ऐसे धोखेबाजों को मजबूत नहीं होने देगा। पूरी सतर्क दृष्टि से जांच कराई जा रही है।
एमिग्रेशन डिपार्टमेंट से मांगी गई पूरी रिपोर्ट
उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय के एमिग्रेशन डिपार्टमेंट से सोमवार तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसमें लविश चौधरी के साथ-साथ उसके राजदारों, खासकर देवीपाटन मंडल में सक्रिय संपर्क सूत्रों का ब्यौरा मांगा गया है। कहा कि मंत्रालय ने लविश के विदेश प्रस्थान, उसके पासपोर्ट के नवीनीकरण, वीजा आवेदन, और उसके सहयोगियों के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से जुड़ी फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट का असर
अमर उजाला ने सबसे पहले फॉरेक्स घोटाले से जुड़े राहुल नामक राजदार के ठिकाने और नेटवर्क पर खबर प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट के बाद मंत्रालय और एजेंसियों के स्तर पर हलचल तेज हो गई। राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि अमर उजाला बहुत बड़ा सच सामने लाया है। हम हर उस व्यक्ति तक पहुंचेंगे, जिसने निवेशकों के साथ धोखा किया है। किसी भी स्तर पर अपराधियों को संरक्षण नहीं मिलेगा।
गोंडा और बलरामपुर में स्थानीय नेटवर्क पर भी निगरानी
मंत्रालय ने इस मामले में स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। गोंडा, बलरामपुर और बहराइच जिलों में लविश चौधरी से जुड़े व्यक्तियों के संभावित संपर्क सूत्रों की निगरानी शुरू कर दी गई है। कहा जा रहा है कि कुछ नामों पर पहले से नजर रखी जा रही थी, लेकिन अब उन्हें विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में भी शामिल किया जाएगा।
राज्यमंत्री ने कहा गोंडा में नहीं बनेगा अड्डा
राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने स्पष्ट कहा कि गोंडा या आसपास के जिलों में लविश चौधरी या उसके सहयोगियों को पैर जमाने नहीं दिया जाएगा। कहा कि देश में ऐसे किसी भी नेटवर्क को नहीं चलने दिया जाएगा, जो आम लोगों को ठगने और फरेब से पैसा कमाने का काम कर रहे हैं।
अब निगाहें रिपोर्ट पर
विदेश मंत्रालय के एमिग्रेशन विभाग से मांगी गई रिपोर्ट आने के बाद संभावना है कि जांच का दायरा बढ़ सकता है। इसके बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, जिनमें देवीपाटन मंडल में सक्रिय नाम राहुल भी शामिल है, पर कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी है। बताया जा रहा है कि जांच में कई अहम खुलासे होंगे।