मेट्रो निर्माण के लिए होने वाले सिविल वर्क (ढांचागत काम) के दौरान आम आदमी को दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इसके लिए 23 किलोमीटर लंबे रूट पर एक साथ काम शुरू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। रूट को तीन खंडों में बांटा जाएगा और प्रत्येक पर 18-18 माह में काम पूरा किया जाएगा।
इस पूरे काम को निपटाने में तीन साल लगेंगे। सिविल वर्क खत्म होने के बाद में मैकेनिकल काम शुरू होंगे।
सबसे पहले डिपो और अमौसी से आलमबाग रूट पर निर्माण होंगे। एलएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि, पूरे काम को लेकर पांच टेंडर किए जाएंगे।
ताकि, काम की रफ्तार अच्छी बनी रहे। शिलान्यास के बाद सिविल वर्क शुरू किए जाएंगे। इसमें जनता को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल ने बताया कि, लोगों को निर्माण के दौरान जो परेशानियां होंगी, उसमें सहयोग की आवश्यकता होगी। इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि पब्लिक को अधिक दिक्कत न हो।
इसलिए काम को तीन खंड (स्ट्रेच) में बांट कर किया जाएगा। दिक्कतें सिविल वर्क में ही ज्यादा होंगी। इसलिए जरूरी है कि, इस काम टुकड़ों में बांट कर किया जाए।
तीन साल के भीतर पूरे रूट पर काम खत्म करने का लक्ष्य है, इसलिए 23 किमी के रूट को तीन टुकड़ों में बांटेंगे और इसी आधार पर काम शुरू किया जाएगा।