मरीज से दुर्व्यवहार पर रेजिडेंट को नौकरी से हटाया
नशे में इमरजेंसी पहुंचने वाले ईएमओ को चेतावनी
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीज से दुर्व्यवहार करने वाले जूनियर रेजिडेंट को नौकरी से हटा दिया गया है। इसी तरह इमरजेंसी में नशे में धुत होकर बैठने के आरोपी इमरजेंसी मेडिसिन ऑफिसर (ईएमओ) को सख्त चेतावनी दी गई है। दोबारा नशे में पकड़े जाने पर नौकरी से हटाने को नोटिस भी थमा दिया गया है।
लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक की इमरजेंसी में सोमवार को आए जय प्रताप सिंह को सीने में दर्द और सांस लेने में समस्या थी। परिवारीजनों का आरोप है कि वे इमरजेंसी में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट आशुतोष के पास पहुंचे तो उन्होंने उनकी एक न सुनी। करीब दो घंटे बाद मरीज को देखा गया। बेड की मांग की गई तो रेजिडेंट आक्रोशित हो गया और तीमारदारों से अभद्रता की। परिवारीजनों ने पूरे मामले की शिकायत हॉस्पिटल ब्लॉक के एमएस डॉ. देवाशीष शुक्ला से की। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी सीएमएस व निदेशक को दी। इस पर लोहिया संस्थान के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पता चला कि आरोपी रेजिडेंट के खिलाफ पहले भी कई तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं। इस पर आरोपी रेजिडेंट को तत्काल नौकरी से हटाने का फैसला लिया गया।
मरीजों के प्रति व्यवहार ठीक रखने की नसीहत
हॉस्पिटल ब्लॉक की इमरजेंसी में दो दिन पहले नशे में धुत मिले इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को सख्त चेतावनी दी गई है। दो टूक कह दिया गया है कि इस तरह की शिकायत दोबारा मिली तो उन्हें भी नौकरी से हटाया जाएगा। इसी तरह सभी विभागाध्यक्षों के जरिए रेजिडेंटों को नोटिस जारी कर मरीजों के प्रति कार्य एवं व्यवहार ठीक रखने के लिए कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले भी दी थी चेतावनी
रेजीडेंट के खिलाफ काफी समय से शिकायत मिल रही थी। उसे पहले भी चेतावनी दी गई थी। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए निदेशक ने कड़ा फैसला लिया है। रेजिडेंट को नौकरी से हटा दिया गया है। ईएमओ को चेतावनी दी गई है।
- डॉ. देवाशीष शुक्ला, एमएस लोहिया संस्थान हॉस्पिटल ब्लॉक