लखनऊ में सरकारी अस्पताल में पहली बार आयुष्मान भारत योजना के तहत कूल्हा प्रत्यारोपण हुआ। निजी अस्पतालों में इलाज न मिलने पर महिला ने सरकारी अस्पताल में ऑर्थो सर्जन की देखरेख में निशुल्क सर्जरी कराई।
ठाकुरगंज टीबी संयुक्त चिकित्सालय में आयुष्मान योजना के तहत पहली बार कूल्हा प्रत्यारोपण हुआ है। महिला हादसे में जख्मी हो गई थी। सीएमएस ने ऑपरेशन करने वाली पूरी टीम को बधाई दी।
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हरदोई बघौली निवासी सीमा (55) करीब एक साल पहले रिक्शे से जा रही थीं। रास्ते में खराब सड़क पर रिक्शा अनियंत्रित होकर पलटने से महिला की कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। उन्होंने हरदोई और लखनऊ के कई अस्पतालों में इलाज कराया, मगर फायदा नहीं हुआ।
इसके बाद परिजनों ने ठाकुरगंज संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एके पांडेय को दिखाया। करीब एक माह तक दवा व परामर्श के बाद सीमा प्रत्यारोपण के लिए राजी हुईं। दो जून को डॉ. एके पांडेय, डॉ. राजेश प्रजापति, डॉ. शाहिद अंसारी ने अपनी टीम के साथ सर्जरी कर कूल्हा प्रत्यारोपित किया। महिला मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं। अब वह खुद से चलने-फिरने लगी हैं।