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एक छत तले आईं दो अलग-अलग विचार धाराएं

Sat, 10 Oct 2015 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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‘अमर उजाला’ एमसएमई-कॉन्क्लेव उद्यमियों के सम्मान और उनके लिए तमाम सहूलियतों के एलान तक ही सीमित नहीं रहा। इसने दो धुर विरोधी विचारधाराओं और छोटी-छोटी बातों पर सियासी नफा-नुकसान देखने वाले केंद्र व राज्य सरकार के जिम्मेदार नेताओं को एक मंच पर लाने का भी काम किया।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, दोनों ने ही उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम करने का संकल्प जताया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा भी कि ‘अमर उजाला’ ने न सिर्फ प्रदेश के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमियों की समस्याओं की लगातार जानकारी दी, बल्कि जनता व सरकार को जागरूक भी किया। 
न सिर्फ प्रदेश भर के उद्यमियों को एक साथ बैठने का अवसर दिया, बल्कि केंद्र व राज्य सरकार को भी एक जगह, एक साथ लाने का काम किया।
अब प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती हैं। दोनों दलों की विचारधाराएं भले ही अलग-अलग हैं, लेकिन आपके (उद्यमियों) के लिए दोनों एक हैं। उद्यमी आगे बढ़ेंगे तो देश आगे बढ़ेगा, प्रदेश आगे बढ़ेगा।
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मिलकर काम करेंगे हम

इसी तरह केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि  राजनीतिक रूप से दोनों दलों की अपनी प्रतिबद्धताएं हैं, लेकिन उद्यमियों के विकास के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे। केंद्र यूपी के उद्यमियों के विकास के लिए हर तरह का सहयोग देने को तैयार है। 
यही नहीं, नेताओं ने एक हद के आगे आपसी आरोप-प्रत्यारोप से भी परहेज किया। कलराज मिश्र चाहते तो प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भगवत सरन गंगवार के सवालों का और कड़वा जवाब दे सकते थे, लेकिन उन्होंने इससे परहेज किया। 
इसी तरह मुख्यमंत्री चाहते तो केंद्रीय मंत्री के राज्य के हिस्से में केंद्रीय आवंटन में बढ़ोतरी के दावों की हकीकत सामने रख सकते थे, लेकिन उन्होंने भी इससे परहेज ही किया।
इसके उलट मिश्र ने मुख्यमंत्री के एमएसएमई के लिए कुछ कर गुजरने की सोच दिखाने की तारीफ की तो मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को साफ-साफ बात करने के लिए सराहा। उन्होंने इंडस्ट्री के लिए खुलकर राज्य सरकार से जमीन मांगने का खास तौर से उल्लेख किया। 
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