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तैयार है हर किक पर सीटी बजाने को नवाबी नगरी

Sun, 13 Jul 2014 03:25 PM IST
अनुराग वाजपेयी/ अमर उजाला, लखनऊ
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भले ही देश की फुटबॉल टीम की वर्ल्ड रैंकिंग डेढ़ सौ से ऊपर है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि यहां इस खेल को चाहने वाले नहीं है।
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दुनिया में सबसे अधिक लोकप्रिय फुटबॉल वर्ल्ड कप को लेकर पूरे देश की तरह राजधानी लखनऊ में में भी वर्ल्ड कप फुटबॉल फीवर चरम पर है।

अर्जेन्टीना और जर्मनी के बीच रविवार देर रात होने वाले बहुप्रतीक्षित फाइनल को लेकर लोगों की धड़कने बढ़ गई है और सभी ने संडे को मैच देखकर अपना सुपर संडे मनाने की तैयारी कर ली है। अमर उजाला से फाइनल को लेकर शहर में खेलों से जुड़ी हस्तियों की राय जानी।

कौन है किसके सपोर्ट में

‘जर्मनी ने जिस अंदाज में फाइनल में जगह बनाई है, उसे देखकर लगता है कि अर्जेन्टीना को जीत दर्ज करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।

इसके लिए टीम के स्टार खिलाड़ी मैसी का फॉर्म में होना सबसे अधिक जरूरी होगा। इसके बावजूद मेरा मानना है कि जर्मनी के संगठित प्रदर्शन के आगे अर्जेन्टीना की टीम टिक नहीं जाएगी और आसानी से घुटने टेक देगी।’
धन सिंह (पूर्व फुटबॉलर) जर्मनी: 75-25

‘कोई कुछ भी कहे, लेकिन मेरे विचार से अर्जेन्टीना ने अभी तक शानदार फुटबॉल खेली है और मैसी की कप्तानी में यह युवा टीम खिताब की असली दावेदार है।

ब्राजील के खिलाफ मिली धमाकेदार जीत से जर्मनी को अतिउत्साहित नहीं होना चाहिए, क्योंकि इस टूर्नामेंट में ब्राजील से औसत दर्जे का खेल दिखाया, जबकि अर्जेन्टीना ने मजबूत नीदरलैंड को हराकर चैंपियन बनने की ओर कदम बढ़ा दिए है।’
एके बनौधा (उपनिदेशक खेल एवं फुटबॉलर) अर्जेन्टीना: 60-40

'जर्मनी गोल करने के मौके नहीं गंवाती'

‘मैं शुरुआत से ही जर्मनी को सपोर्ट कर रहा हूं। मैदान में उनके खेल का कोई जवाब नहीं है। उनका तालमेल गजब का है और ब्राजील के खिलाफ मिली शानदार जीत के बाद टीम का उत्साह काफी बढ़ गया है।

दूसरी ओर अर्जेन्टीना भले ही खिताब की दावेदार हो, लेकिन प्रबल दावेदार के रूप में जर्मनी की चुनौती को तोड़ पाना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा।’
वीएस चौहान (पूर्व एथलीट) जर्मनी: 70-30

‘पूरे टूर्नामेंट के दौरान जर्मनी की मिडफील्ड और फारवर्ड लाइन के खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। प्रदर्शन की बात करे, तो जर्मनी की टीम अर्जेन्टीना से हर क्षेत्र में बीस साबित हुई है।

जहां तक फाइनल का सवाल है तो अर्जेन्टीना भी अपने स्टार मैसी की बदौलत खिताब जीतने में पूरा दम लगा देगी। बावजूद इसके मेरा सपोर्ट जर्मनी के साथ होगा, क्योंकि यह टीम गोल करने के मौके नहीं गंवाती।’
रत्नेश मिश्रा (पूर्व रणजी क्रिकेटर) जर्मनी: 60-40
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प्रोजेक्टर में फाइनल देखने की तैयारी

पिछले वर्ल्ड कप की तरह इस साल भी सदर में प्रोजेक्टर में फाइनल देखने की तैयारी शुरू हो गई है।

जिला फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र शुक्ला ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भले ही मुकाबला आधी रात के बाद होगा, लेकिन हम इस बार भी प्रोजक्टर लगवाएंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि सदर स्थित सुभाष मोहल में फाइनल मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी पहुंचेंगे।

हालांकि आधी रात के बाद का समय होने के कारण फुटबॉल को चाहने वाले वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबले देख पाने में नाकाम रहे, लेकिन अब फाइनल सामने है तो खेल प्रेमियों ने दिन का शेड्यूल बदल दिया है और वे किसी भी कीमत पर अर्जेन्टीना और जर्मनी के बीच मैच देखने का सुनहरा मौका नहीं छोड़ना चाहते।
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