सपा ने जनता के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए कांग्रेसी चाल चली है। यह वही पत्ता है जिसे कांग्रेस अपना इक्का समझ रही थी।
विज्ञापन
जी हां, जिस राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को लेकर लोकसभा चुनाव के ठीक पहले प्रदेश सरकार व केंद्र की यूपीए सरकार में तनातनी और धरना-प्रदर्शन की नौबत आ गई थी, राज्य सरकार ने उसे तय समय पांच जुलाई से सूबे में लागू करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने इस कानून का लाभ पाने वाले लाभार्थियों की पात्रता तय करने के लिए तैयार मसौदा प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
हालांकि यह भी सच है कि यह बिल कांग्रेस की कोई मदद नहीं कर सका और पार्टी सबसे कम सीटों पर सिमट गई।
एपीएल व बीपीएल की जगह नई श्रेणी
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक अंत्योदय श्रेणी के लाभार्थियों को पहले की तरह 35 किग्रा. प्रति परिवार प्रतिमाह खाद्यान्न देने की व्यवस्था बरकरार रहेगी।
बाकी पात्र लाभार्थी के परिवार में सदस्यों की संख्या के आधार पर खाद्यान्न दिया जाएगा। इसमें परिवार के हर सदस्य पर पांच किलोग्राम खाद्यान्न दिए जाने का प्रावधान है।
अंत्योदय श्रेणी के अलावा लाभार्थियों के चयन के लिए पात्रता तय की जानी है। इसके लिए एपीएल व बीपीएल श्रेणी के स्थान पर नई श्रेणी बनाई जाएगी।
प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद बीएम मीना ने बताया कि मसौदे को जल्दी ही विभाग की वेबसाइट के साथ समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाएगा। इस पर आम लोग अपनी आपत्तियां व सुझाव दे सकेंगे। इसके लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने कई अन्य फैसले भी लिए।
कालिंदी कुंज से बॉटेनिकल गार्डन तक दौड़ेगी मेट्रो
कैबिनेट ने नोएडा के कालिंदी कुंज से बॉटेनिकल गार्डन तक की मेट्रो परियोजना को डीएमआरसी के साथ मिलकर आगे बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने डीएमआरसी व नोएडा प्राधिकरण के बीच अनुबंध के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा को अधिकृत किया है।
बॉटेनिकल गार्डन से कालिंदी कुंज की दूरी 3.692 किमी. है। इसके निर्माण की कुल लागत का 80 फीसदी नोएडा प्राधिकरण व 20 प्रतिशत केंद्र सरकार से प्राप्त किया जाना है।
परियोजना पर 845 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके संचालन व अनुरक्षण से संबंधित लागत डीएमआरसी वहन करेगी।
चार लेन का होगा इटावा-मैनपुरी मार्ग
प्रदेश कैबिनेट ने इटावा में इटावा-मैनपुरी (राजमार्ग-83) के 23 किमी. लंबे दो लेन के मार्ग को चार लेन में बदलने का फैसला किया है।
इसके अलावा सैफई तहसील में चार लेन के सैफई बाईपास के निर्माण के लिए तय मानक को शिथिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इटावा-मैनपुरी मार्ग पर किमी. एक से 23 तक को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा। इस मार्ग और चार लेन के सैफई बाईपास के निर्माण से मैनपुरी, कुरावली, कन्नौज, कानपुर व अलीगढ़ आदि स्थानों को जाने वाले भारी व अन्य वाहन सीधे बाईपास से निकल सकेंगे।
एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद इस मार्ग पर यातायात में बढ़ोतरी की संभावना के मद्देनजर यह फैसला हुआ है।
मदरसा शिक्षकों व कर्मियों को पेंशन
प्रदेश सरकार ने अनुदान प्राप्त मदरसों के सेवानिवृत्त शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को ट्रेजरी से पेंशन देने का निर्णय किया है। इन्हें एक जनवरी 2015 से जिला कोषागारों से ही पेंशन मिलेगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी।
प्रदेश सरकार के इस कदम से मदरसों में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। अभी अवकाश प्राप्त शिक्षकों को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व मदरसा संचालकों के माध्यम से पेंशन दी जाती है।
ऐसे में ये लोग पेंशन देने के नाम पर अवकाश प्राप्त शिक्षकों से पैसा भी ले लेते हैं। इसी व्यवस्था को खत्म करने के लिए सरकार ने इन्हें भी कोषागारों से पेंशन देने का निर्णय किया है।
सरकार के इस कदम से प्रदेश के 459 मदरसों के करीब एक हजार अवकाश प्राप्त शिक्षकों को फायदा होगा। इन्हें सरकार की ओर से हर साल करीब 20 करोड़ रुपये की पेंशन दी जाती है। नई व्यवस्था से शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मदरसा संचालकों व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पास पेंशन लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
प्रदेश सरकार ने मिड डे मील के खाद्य पदार्थों को वैट से मुक्त कर दिया है। यानी अब इसके तहत खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री पर कर नहीं देना पड़ेगा।
इसके अलावा वृंदावन, मथुरा की संस्था अक्षयपात्र फाउंडेशन को सरकार ने अलग से भी छूट दे दी है। वैट छूट की अधिसूचना जारी होने की तिथि से पहले के भी वैट बकाये पर इस संस्था को सरकार ने छूट दे दी है।
यह संस्था मथुरा और लखनऊ में बच्चों को मिड डे मील परोसती है। मंगलवार को कैबिनेट ने यह फैसला किया कि माफी का आदेश पारित करने का अधिकार व्यापारी के कर निर्धारक अधिकारी को प्रदान कर दिया जाए।
हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि इस निर्णय के तहत संस्था को वैट में दी जा रही छूट को अन्य प्रकरण में उदाहरण नहीं बनाया जाएगा।