रायबरेली। जिला अस्पताल में गंभीर बच्चों को भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के लिए पीडियाट्रिक आईसीयू में चोरी भी शुरू हो गई है। बच्चों को भर्ती करने का काम बंद होने के बाद फ्लो मीटर गायब हो गया। सूचना पर अस्पताल में अफरातफरी मच गई। सीएमएस ने स्टाफ नर्स को कोतवाली में तहरीर देने के आदेश दिए हैं। मामले में संबंधितों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है।
जिला अस्पताल में स्थापित पीडियाट्रिक आईसीयू में 10 वेंटिलेटर लगाए गए हैं। यहां गंभीर बच्चों को भर्ती करके इलाज की व्यवस्था की गई है, लेकिन वेंटिलेटरों को चलाने के लिए स्टाफ न होने के कारण बच्चों को भर्ती करने की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। बताते हैं कि रात में पीआईसीयू में लगा फ्लो मीटर गायब हो गया। फ्लो मीटर के जरिये गंभीर बच्चों को तय मात्रा ऑक्सीजन दी जाती है। बिना फ्लो मीटर के बच्चों को ऑक्सीजन नहीं दी जा सकती है।
सोमवार को फ्लो मीटर के गायब होने की खबर मिलने के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। सीएमएस ने स्टाफ नर्स को शहर कोतवाली में चोरी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अपने स्तर से रात में तैनात स्टाफ से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि पीडियाट्रिक आईसीयू में लगाकर फ्लो मीटर गायब हो गया है। यह गलत बात है। स्टाफ नर्स को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। फ्लो मीटर गायब करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।