बख्शी का तालाब। क्षेत्र के लासा गांव में मंगलवार को आठ लोग बाढ़ के पानी में डूबने लगे। ये सभी इटौंजा-माल रोड जा रहे थे। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद इनमें से सात लोगों को बचा लिया। हालांकि, हादसे में विमल (18) की मौत हो गई। तीन घंटे बाद उनका शव निकाला जा सका।
ग्रामीणों के मुताबिक नाव न होने से सुबह करीब 7:30 बजे अनुराग, हिमांशु, शिवम, श्रीकांत, विमल, रोशन, राम हरख और रविंद्र पैदल ही करीब चार फीट गहरे पानी से होकर इटौंजा-माल रोड पर शौच के लिए जा रहे थे। लासा मंदिर के सामने अचानक रोड से और गहराई में चले गए। सभी डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण जमा हो गए। किसी तरह सात लोगों को निकाल लिया गया पर विमल गहरे पानी में डूब गए।
ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। जानकारी पाकर सुबह 8:45 बजे एनडीआरएफ पहुंची। पीएसी की एक और एनडीआरएफ की दो बोट की मदद से रेस्कयू शुरू हुआ। साढ़े तीन घंटे के प्रयास पर भी सफलता नहीं मिली तो ग्रामीण नाराज हो गए। इसके बाद जमखनवा, दुघरा और हरदा के ग्रामीणों ने जाल, कांटा डालकर सुबह 11:30 बजे विमल के शव को निकाला।